इंदिरापुरम के शक्ति खंड-3 स्थित घर से लापता सीए की 12 वर्षीय बेटी आर्ची बृहस्पतिवार शाम को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में मिल गई। हिमाचल पुलिस ने इंदिरापुरम पुलिस को मामले की सूचना दी है।
आर्ची के परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। साथ ही पुलिस टीम के साथ देर रात परिजन आर्ची को लेने पालमपुर रवाना हो गए। आर्ची के आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि वह पालमपुर कैसे पहुंची।
बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे पालमपुर पुलिस ने इंदिरापुरम पुलिस को सूचना दी कि आर्ची जैसी दिखने वाली एक बच्ची पालमपुर बस अड्डे पर मिली है। पालमपुर पुलिस ने बच्ची की फोटो व्हाट्स एप पर भेजी, जिसके बाद पुष्टि हो गई कि बच्ची आर्ची ही है।
हिमाचल पुलिस ने आर्ची से बात की तो वह रोने लगी और बताया कि एक महिला उसे कुछ सुंघाकर घर के बाहर से ही अगवा कर ले गई थी। उसे नहीं पता कि वह पालमपुर कैसे पहुंची। एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि पालमपुर पुलिस के अनुसार आर्ची दो दिन से पालमपुर में ही थी।
बुधवार शाम को अकेले बस स्टैंड पर देखकर एक महिला ने पुलिस को सूचना दी। अब आर्ची के लौटने के बाद ही साफ हो सकेगा कि वह पालमपुर कैसे पहुंची।
पालमपुर पुलिस ने आर्ची को धर्मशाला में चाइल्ड लाइन केयर संस्था के सुपुर्द कर दिया है। आर्ची के पिता का कहना है कि जब उन्हें उसके मिलने की सूचना मिली, वह पूजा कर रहे थे। वह बोले- भगवान ने मेरी सुन ली।
आर्ची के घर के बाहर लगा तांता, मना जश्न
आर्ची के मिलने की सूचना मिलते ही आर्ची के घर के बाहर लोगों का तांता लग गया। आसपास रहने वाले लोगों ने आर्ची के परिजनों को बधाई दी। साथ ही पुलिस और मीडिया का भी धन्यवाद किया।
महिलाओं ने हिप-हिप हुर्रे के नारे लगाते हुए कहा कि इंदिरापुरम पुलिस ने जो काम किया है वह वास्तव में काबिलेतारीफ है। पुलिस परिजनों के साथ दिन रात जुटी रही। सभी ने एसपी सिटी सलमान ताज, सीओ और एसएचओ का धन्यवाद दिया।
आठ टीमें दौड़ती रहीं, हर प्रदेश की पुलिस से साधा संपर्क
आर्ची के गायब होने के बाद से लगातार लोग धरने-प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद दबाव में आई पुलिस की आठ टीमें राउंड द क्लॉक आर्ची की तलाश में जुटी थीं। एसएचओ इंदिरापुरम प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस की सर्विलांस टीम ने सभी प्रदेशों की पुलिस से संपर्क साधते हुए उन्हें आर्ची की फोटो भेजी।
साथ ही उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश पुलिस कंट्रोल रूम से भी लगातार आर्ची के संबंध में जानकारी ली जा रही थी। इसी दौरान बृहस्पतिवार शाम जब हिमाचल प्रदेश पुलिस से संपर्क साधा गया तो आर्ची के वहां होने की जानकारी मिली।
उधर, बुधवार देर रात करीब ढाई बजे ऑटो वाले की सूचना पर पुलिस आनंद विहार बस अड्डा भी पहुंची, जहां पुलिस को आर्ची की ही उम्र की एक लड़की मिली, जिसे दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
पास ही रहने वाले किसी युवक अथवा युवती ने रची साजिश
सूत्रों की मानें तो आर्ची के लापता होने में शक्ति खंड-3 स्थित आर्ची के घर के पास ही रहने वाले किसी युवती अथवा युवक का हाथ है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसी आसपास रहने वाले आरोपी ने पहले आर्ची को घर से बाहर बुलाया।
इसके बाद उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर आरोपी उसे हिमाचल प्रदेश ले गए। आर्ची के मिलने से पहले बृहस्पतिवार सुबह वनस्थली स्कूल के बच्चों ने वैशाली से शक्तिखंड तक पैदल मार्च निकाला। दिनभर आसपास के लोग भी आर्ची की तलाश में नोएडा, गाजियाबाद आदि स्थानों पर पोस्टर लगाते रहे।
आर्ची ने घबराहट में पुलिस को दी गलत जानकारी
आर्ची के पालमपुर में मिलने के बाद भले ही पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली हो मगर पालमपुर पुलिस को आर्ची द्वारा दी गई कुछ गलत जानकारियों से गाजियाबाद में परिजनों तक पहुंचने में देरी हुई।
पालमपुर पुलिस के अनुसार आर्ची जब बस अड्डे पर मिली तो उसने अपना नाम टीना बताया। साथ ही बताया कि वह हरिद्वार में एक अनाथ आश्रम में रहती है। पुलिस का मानना है कि बच्ची काफी घबराई हुई थी, जिसके चलते उसने पुलिस को गलत नाम बता दिया था।
एसएचओ पालमपुर गुरवचन सिंह ने बताया कि महिला की सूचना पर जब वह बस अड्डे पर पहुंचे तो बच्ची रो रही थी। पूछताछ में उसने अपना नाम टीना बताते हुए कहा कि वह हरिद्वार के एक अनाथ आश्रम में रहती है। वनस्थली स्कूल में पढ़ती है और अनाथ आश्रम कर्मी के साथ ट्रेन में यहां आई थी।
एसएचओ ने बताया कि बच्ची अनाथ आश्रम का नाम ठीक से नहीं बता सकी। वहीं, चाइल्ड केयर संस्था के लोगों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने उन्हें बताया कि एक महिला उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर ट्रेन से यहां लेकर आई।
एसएचओ इंदिरापुरम प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि पालमपुर पुलिस की ओर से कुछ सूचना मिली है। उनसे और जानकारी जुटाई जा रही है। जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकेगा। फोन पर बच्ची काफी घबराई हुई थी। उसके गाजियाबाद आने के बाद ही सभी बातें साफ हो सकेंगी। यह भी हो सकता है कि वह किसी बात को लेकर परिजनों से नाराज हो। हालांकि परिजनों ने किसी भी नाराजगी जैसी बात से इंकार किया है।
हरिद्वार में किया संपर्क तो नहीं मिली स्कूल जानकारी
एसएचओ पालमपुर गुरवचन सिंह ने बताया कि जब उन्होंने हरिद्वार पुलिस से संपर्क किया और वनस्थली स्कूल की जानकारी मांगी तो पता चला कि वहां इस नाम का कोई स्कूल है ही नहीं।
इंटरनेट पर सर्च किया तो गाजियाबाद और लुधियाना में इस स्कूल के होने की जानकारी मिली। इस बीच गाजियाबाद पुलिस ने संपर्क किया तो बच्ची के बारे में सही जानकारी मिल गई।
अपहरण कर घर के आसपास छिपाए होने का था शक
पुलिस ने जब कुछ दोस्तों की कॉल डीटेल्स खंगाली तो पुलिस को कई सुराग हाथ लगे। पुलिस ने इस दौरान आर्ची के घर के पास ही के कुछ घरों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया, जिसके बाद पुलिस को सुराग लगा कि उसे कहीं दूर ले जाया गया है। सूत्रों की मानें तो इसी जानकारी के चलते पुलिस लगातार हिमाचल और अन्य प्रदेशों की पुलिस से संपर्क साध रही थी।