यूपी की बसपा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अंटू मिश्रा और उनके माता-पिता पर कोर्ट ने शिकंजा कस दिया है। एक माह से गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ सीआरपीसी-82 की उद्घोषणा जारी करने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट के आदेश पर अब सीबीआई अंटू मिश्रा के ठिकानों, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थल पर डुगडुगी बजा सकती है। इन सभी जगहों पर सीबीआई उद्घोषणा चस्पा किए जाने की कार्रवाई करेगी।
दस हजार करोड़ का चर्चित यूपी का एनआरएचएम घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। मायावती शासन में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार उर्फ अंटू मिश्रा, उनके पिता दिनेश चंद मिश्रा और माता विमला मिश्रा के खिलाफ पेश की गई चार्जशीट पर सीबीआई कोर्ट ने 23 अगस्त को संज्ञान लेते हुए तीनों के एनबीडब्ल्यू जारी किए थे।
एनबीडब्ल्यू जारी करते हुए कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 23 सितंबर तक कोर्ट में पेश होनेे का आदेश दिया था। इसके बावजूद तीनों में से कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। ऐसे में सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक और सीबीआई इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार द्वारा आरोपियों के खिलाफ सीआरपीसी-82 के तहत कार्यवाही करने की अपील कोर्ट से की।
इस पर कोर्ट ने तीनों के खिलाफ 82 की कार्यवाही के आदेश जारी कर दिए। विशेष न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को 4 नवंबर को सुबह साढे़ 10 बजे कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि सीबीआई ने यूपी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा के खिलाफ 21 जुलाई को गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में मंत्री के साथ ही उनकी माता विमला मिश्रा और पिता दिनेश चंद मिश्रा को भी सीबीआई ने आरोपी बनाया है।
अंटू मिश्रा पर हैं यह आरोप
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा पर स्वास्थ्य मंत्री पद पर रहते हुए सीएमओ और परिवार कल्याण के पदों को दवा कारोबारियों से 15 से 20 लाख तक की रिश्वत लेकर बांटने का आरोप लगाया है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग का यह खेल इसलिए खेला गया, जिससे दवा कारोबारी एनआरएचएम के तहत मनमाने रेट पर दवा और मेडिकल उपकरण सरकारी अस्पतालों में सप्लाई करने का ठेका हासिल कर सकें।
सीबीआई का आरोप है कि 2007 से लेकर 2011 तक अंटू मिश्रा ने इस तरह से करीब 27 करोड़ रुपये हासिल किए। 27 करोड़ की इस काली कमाई को अंटू मिश्रा ने अपने माता-पिता के नाम सिर्फ कागजों पर ही बनाई गई फर्जी कंपनियों के माध्यम से ‘व्हाइट मनी’ में बदला था।
सीबीआई कोर्ट के अधिकार को लेकर अंटू के वकील ने लगाई अर्जी
‘सीबीआई विशेष कोर्ट गाजियाबाद को अंटू मिश्रा के मामले में सुनवाई का अधिकार नहीं है। यह केस गाजियाबाद सीबीआई विशेष कोर्ट के अधिकार में नहीं आता।’ इस आशय के साथ ही पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अंटू मिश्रा के अधिवक्ता ने शुक्रवार को गाजियाबाद स्थित सीबीआई विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए 4 नवंबर की तारीख नियत की है।