गाजियाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आपराधिक षड्यंत्र और रंगदारी के मामले में आईबी के उप महानिरीक्षक निदेशक अनिल प्रताप सिंह के वांछित चल रहे बेटे अनिकेत सिंह उर्फ कबीर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और मामले के तथ्यों को देखते हुए यह आदेश दिया। अभियुक्त अनिकेत पर भी रंगदारी मांगने और 50 लाख रुपये प्राप्त करने के प्रयास का आरोप है।
वादी विकास मित्तल ने इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत उन्हें सरकारी जांच, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई का भय दिखाया गया। पहले उनसे 15 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। बाद में इसी षड्यंत्र के तहत 50 लाख रुपये की नकद राशि प्राप्त करने का प्रयास किया गया। अनिल प्रताप सिंह ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो का वरिष्ठ अधिकारी बताया था। उसने वादी की कंपनियों की गंभीर जांच चलने और रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय को भेजने की धमकी दी थी। अनिल प्रताप सिंह ने 21 अगस्त 2026 को वादी को फोन करके खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो में पुलिस उप महानिरीक्षक बताया। उसने वादी की कंपनियों ए टू जेड ट्रेडर्स और पेफ्यूजनएक्स प्राइवेट लिमिटेड के संबंध में गंभीर जांच की बात कही थी। वहीं, इंदिरापुरम पुलिस ने इस मामले में तीन सितंबर को अनिल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।