डासना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संघ ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने यहां गर्भवतियों की गोदभराई और बच्चों के अन्नप्राशन की रस्म निभाई।
इस मौके पर आंगनबाड़ी संघ की अध्यक्ष राजकुमारी ने कहा कि पोलियो और कोरोना जैसी महामारी में सहायिकाओं ने दिन-रात मेहनत कर लोगों को इन बीमारियों से बचाया, लेकिन आज तक उनका मानदेय नहीं बढ़ाया गया। 2014 में प्रदेश की चार लाख बहनों ने मिलकर अधिकार दिलाओ रैली निकाली लखनऊ में निकाली थी, तब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हम अपनी बहनों को सम्मानजनक न्यूनतम मजदूरी दिलाएंगे, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ। महामंत्री कौशल कुमारी ने कहा कि हमें केवल छह हजार रुपये मानदेय मिल रहा है जबकि हमसे कई प्रकार के काम कराए जाते हैं। इतने कम मानदेय में घर का गुजारा भी नहीं चलता, हम सम्मानजनक जीवन क्या जीएंगे।
महासचिव अलका शर्मा ने कहा कि हम पूरक पोषाहार वितरण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, संदर्भन सेवान, बीएलओ कार्य, संचारी कार्य, दस्तक, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा सहित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित कई अन्य कार्य करते हैं, मगर वेतन बहुत कम है। इस मौके पर पुष्पा देवी, रेनू, किश्वर, कृष्णा, बबीता सहित अन्य सभी का हस्ताक्षर युक्त पत्र सौंपा गया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने मांग को शासन तक पहुंचाने की बात कही।