कैराना पलायन प्रकरण में मुख्यमंत्री व राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपने वाले संतों को धमकी देने वाले डासना देवी मंदिर के महंत नरसिंहानंद यति और उनके सहयोगी अनिल यादव के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
एक सप्ताह पूर्व ही शहर कोतवाली पुलिस ने इस प्रकरण में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही पुलिस नरसिंहानंद यति और उनके सहयोगी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी।
इसी के चलते बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में अर्जी देकर आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी किए जाने की मांग की। शहर कोतवाली से संबंधित मामले एसीजेएम-सप्तम कोर्ट में सुने जाते हैं, मगर कोर्ट खाली होने के चलते अर्जी पर सुनवाई एसीजेएम-तृतीय में हुई।
पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने आरोपी नरसिंहानंद यति और उनके सहयोगी अनिल यादव के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। बता दें कि 24 जून को शहर कोतवाली में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने नरसिंहानंद यति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि कैराना प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपकर शुक्रवार शाम वह चक्रपाणी महाराज और स्वामी कल्याण देव के साथ शताब्दी एक्सप्रेस से लखनऊ से गाजियाबाद लौट रहे थे।
अलीगढ़ के पास शाम 5:34 बजे स्वामी कल्याण देव के फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके (आचार्य प्रमोद कृष्णम) मोबाइल पर 6:14 बजे कॉल आई। फोन करने वाले ने उन्हें भी गालियां दीं और कैराना रिपोर्ट का विरोध करते हुए बम से उड़ाने की धमकी दी थी।