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Ghaziabad News: विरोध के बीच नगर निगम ने भवनों पर लागू की 40 फीसदी तक छूट

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गाजियाबाद। बढ़े हाउस टैक्स के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका खारिज होने के बाद शहर में आमजन का विरोध तेज हो गया है। लोग जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच नगर निगम ने करदाताओं को राहत देने के लिए पुरानी इमारतों पर 25 से 40 प्रतिशत तक की छूट लागू करने की घोषणा की है। अन्य रियायतों को जोड़ने पर कुल छूट 50 से 60 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया गया है।
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शुक्रवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम नियमावली को ध्यान में रखते हुए शहर हित में काम किया जा रहा है। 25 साल पुराने भवनों के लिए कर में 40 फीसदी की छूट लागू कर दी गई है। यही नहीं, 10 साल पुराने भवनों पर 25 फीसदी, 10 से 20 साल पुराने भवनों पर 32.5 फीसदी और 20 साल से पुरानेे भवनों पर 40 फीसदी छूट लागू कर दी गई है। यह छूट मुख्य रूप से हाउस टैक्स के वार्षिक मूल्यांकन में दी जा रही है।
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छूट के लिए पुराना रिकॉर्ड जरूरी
रियायत का लाभ लेने के लिए सेल्फ असेसमेंट फॉर्म में भवन की उम्र का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। इसके लिए रजिस्ट्री पेपर, नगर निगम का रिकॉर्ड या बिजली कनेक्शन से संबंधित दस्तावेज संलग्न करने होंगे। नगर निगम का तर्क है कि वर्ष 2001 के बाद से टैक्स दरों में समुचित वृद्धि नहीं हुई, जबकि महंगाई और विकास खर्च लगातार बढ़े हैं। ऐसे में कर संशोधन आवश्यक था।
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अब 31 मार्च तक 20 फीसदी की छूट

बकाया गृहकर पर 20 फीसदी तक की छूट की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। महापौर सुनीत दयाल ने बताया कि पहले यह छूट 28 फरवरी तक थी। ज्यादा बिल आने की शिकायत करने वाले करदाता निगम में आवेदन कर सकते हैं, जिनका निस्तारण नियमानुसार किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कर विभाग को बिलों में गड़बड़ी की शिकायतों पर त्वरित समाधान के निर्देश दिए हैं।

पहले कवर एरिया, अब कारपेट एरिया टैक्स का आधार
पहले संपत्ति कर कवर एरिया के आधार पर वसूला जाता था। अब नए नियमों के तहत कारपेट एरिया के आधार पर कर निर्धारण किया गया है। उदाहरण के लिए यदि किसी ने 100 गज का सिंगल स्टोरी मकान बनवाया था और बाद में उसे बहुमंजिला कर लिया तो नए निर्धारण में बढ़े हुए कारपेट एरिया को भी शामिल किया गया है। इसी का विरोध किया जा रहा है। हालांकि, निगम का कहना है कि कारपेट एरिया के आधार पर लगाए गए कर में भी 25 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। कर निर्धारण वर्ष 2018 के सर्किल रेट और सड़क की चौड़ाई के अनुसार किया जा रहा है।


पांचों जोन में हेल्पडेस्क, पहले दिन 15 शिकायतें
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील कुमार राय ने बताया कि पांचों जोन में कर संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए हेल्पडेस्क लगाई गई हैं। पहले दिन 15 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश क्षेत्रफल और कर संशोधन से संबंधित थीं। कर जमा कराने की रफ्तार भी बढ़ी है। दो दिनों में तीन करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई। वसुंधरा जोन में सबसे ज्यादा करदाताओं ने बकाया जमा कराया।
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सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
याचिकाकर्ता हिमांशु मित्तल का कहना है कि हाईकोर्ट ने प्रक्रिया को सही माना है, लेकिन प्रक्रिया को लागू करने का अधिकार बोर्ड का है। बोर्ड ने तो इसे लागू ही नहीं किया है। इसलिए शहरवासियों के हित में सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। इसके लिए हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। विधिक राय लेकर जल्द ही अपील की जाएगी।
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