बसपा से निष्कासन के बाद मंगलवार को कई स्थानों पर विधायक अमरपाल शर्मा के समर्थकों ने बसपा सुप्रीमो मायावती के पुतले जलाए। समर्थकों ने बसपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रचार सामग्री को भी आग लगा दी।
विधायक अमरपाल शर्मा के बसपा से निष्कासन के बाद सोमवार देर रात बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजेंद्र नगर कार्यालय पर जुटे थे। इसके बाद मंगलवार सुबह भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यालय पर पहुंचे और अमरपाल के समर्थन में नारे लगाए।
सुबह 11 बजे अमरपाल प्रेसवार्ता करने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हुए और इधर कार्यकर्ताओं ने प्रचार सामग्री को आग के हवाले कर दिया। साथ ही मायावती के पुतले को आग लगा दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मायावती बसपा में टिकट बेच रही हैं।
ऐसे में बसपा को कोई भी वोट नहीं देगा। बसपा के प्रत्याशी का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने न्यायखंड में भी मायावती का पुतला फूंका। वैशाली और साहिबाबाद में कई स्थानों पर बसपा की प्रचार सामग्री जलाई गई। इस दौरान रजनी धस्माना, सौरभ धस्माना, केदार मेहता, रमाकांत यादव और राहुल शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
खुलेआम हुआ आचार संहिता का उल्लंघन
आचार संहिता और धारा 144 लागू होने के बावजूद कई स्थानों पर विधायक के सैकड़ों समर्थक इकठ्ठा हुए। राजेंद्र नगर कार्यालय के बाहर करीब एक घंटे तक कार्यकर्ताओं ने रोड जाम करते हुए पुतला फूंका मगर पुलिस का कोई अधिकारी उन्हें रोकता नहीं दिखा।
हालांकि पुतला फूंके जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को सड़क से हटाया। एसडीएम अतुल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद अगर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी।