गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में 800 एकड़ भूमि देने वाले किसानों को मंगलवार को विकसित भूखंडों के आवंटन पत्र वितरित किए गए। योजना में स्थित विकास प्राधिकरण कार्यालय पर शिविर लगाकर जीडीए अधिकारियों ने पत्र वितरित किए। आवंटन पत्र पाने के बाद किसानों की आंखों में चमक जाग उठी। किसानों ने कहा लंबे संघर्ष के बाद उनका हक मिला है।
जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2004 में मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के अंतर्गत जीडीए द्वारा लगभग 800 एकड़ भूमि कास्तकारों से क्रय की गई थी। भूमि क्रय करते समय जीडीए ने कृषकों से यह वायदा किया था कि उन्हें 6/4 प्रतिशत विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे। प्राधिकरण ने अपने इस वायदे को निभाते हुए पिछले साल 27 एवं 28 नवंबर को हिंदी भवन में कृषकों की उपस्थिति में लॉटरी प्रणाली के माध्यम से 762 भूखंडों का आवंटन किया था। मंगलवार को सुबह 11 बजे से किसानों को बुलाया गया था। शिविर में पहुंचे किसानों को आवंटन पत्र वितरित कर दिया गया है। आयोजित विशेष शिविर में उन्हीं भूखंडों के विशिष्ट संख्या (विशेष नंबर) सहित आवंटन पत्र कृषकों को सौंपे गए।
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जो किसान नहीं पहुंचे वह कार्यालय से ले सकते हैं आवंटन पत्र
जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि प्राधिकरण कृषकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मधुबन-बापूधाम योजना में किए गए सभी वायदों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। जो कृषक किसी कारणवश अपना आवंटन पत्र प्राप्त नहीं कर सके हैं, वे कार्य दिवसों में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय में संपर्क कर अपना आवंटन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे किसान कार्यालय आते समय भूखंड आरक्षण पत्र की प्रति एवं पहचान पत्र की प्रति साथ अवश्य लाएं, ताकि आवंटन पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूर्ण की जा सके।
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