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Ghaziabad News: जबरन हलाला और दुष्कर्म के आरोप बेबुनियाद, सत्र न्यायालय ने याचिका खारिज की

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गाजियाबाद। भोजपुर क्षेत्र की महिला ने पूर्व पति, उसके परिजनों और जीजा पर हलाला, निकाह और दुष्कर्म के गंभीर आरोप आरोपों की याचिका निचली अदालत ने खारिज कर दी है। महिला ने आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। सत्र न्यायालय ने केस डायरी और पुलिस की जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।

महिला ने पूर्व पति, उसके परिजनों और जीजा समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। महिला के अनुसार, वर्ष 2017 में उसका निकाह मेरठ के एक गांव निवासी युवक से हुआ। करीब एक वर्ष पहले पति ने उसे तलाक दे दिया। इसके बाद उसने तीन फरवरी 2025 को दूसरे व्यक्ति से कोर्ट मैरिज कर ली। महिला का आरोप है कि 12 फरवरी 2025 को दोनों परिवारों के बीच हुए फैसले के दौरान ससुराल पक्ष ने हलाला की बात कही। आरोप के मुताबिक, उसकी इच्छा के विरुद्ध उसका निकाह पूर्व पति के जीजा से कराया गया और हलाला के नाम पर उससे कई दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया।
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जांच में नहीं मिला कोई साक्ष्य

30 जून 2025 की पुलिस जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। जांच के मुताबिक महिला ने पहले पति से तलाक लिए बिना ही अन्य युवक के लिए घर छोड़ दिया और कोर्ट मैरिज कर ली। महिला के दो बच्चे हैं, जो उसके जाने के बाद पिता के साथ रह रहे थे। पुलिस ने महिला से हलाला, जबरन निकाह और दुष्कर्म के आरोपों के संबंध में साक्ष्य मांगे, लेकिन कोई दस्तावेजी या मौखिक प्रमाण नहीं दिया जा सका। जांच में जीजा के साथ महिला के निकाह या उसके साथ पति-पत्नी के रूप में रहने की भी पुष्टि नहीं हुई।
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