वैशाली में दुर्गा पूजा पंडाल में अग्निशमन यंत्र की जांच करते दमकल कर्मी। स्रोत दमकल विभाग
गाजियाबाद। कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 17 लोगों की मौत के बाद गाजियाबाद में भी पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले में दुर्गा पूजा पंडालों और रामलीला स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच की जा रही है।
अग्नि सुरक्षा, आपात निकास और बिजली की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने आयोजकों को सुरक्षा संबंधी कमियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया गया है। दुर्गा पूजा पंडालों के साथ रामलीला कार्यक्रमों में भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजकरण नय्यर ने बताया कि दमकल विभाग की टीम ने विभिन्न पंडालों की जांच की है।
कुछ पंडालों में रसोई और बाजार वाले स्थानों पर कमियां मिली हैं। संचालकों को इन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्गा पूजा और दशहरा के आयोजनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस बल भी बढ़ाया गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि जिले में दुर्गा पूजा और रामलीला से जुड़े कुल 118 आयोजन हो रहे हैं। इनमें 62 दुर्गा पूजा पंडाल और 56 छोटी-बड़ी रामलीलाएं शामिल हैं।
सभी आयोजनों को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि रविवार को दमकल विभाग की टीम ने कई पंडालों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। अभी तक कोई बड़ी कमी सामने नहीं आई है। अग्नि सुरक्षा से संबंधित कुछ कमियां मिलने पर संचालकों को चेतावनी देकर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरी ओर विद्युत सुरक्षा विभाग की टीम ने भी पंडालों में बिजली की व्यवस्था का निरीक्षण किया। सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा सौरभ सिंह ने बताया कि टीम ने विभिन्न पंडालों की जांच कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।