‘अखिलेश सरकार को भ्रष्टाचार ने और मायावती को अहंकार ने हार दिलाई है।’ शनिवार को यह बात भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहीं। गाजियाबाद की पांचों विधानसभाओं पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत के बाद वह क्षेत्रीय कार्यालय पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गृहमंत्री का पद खुद सीएम अखिलेश के पास था। इसके बावजूद यहां थाने बिकते थे। बिना रुपये किसी की एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। थाने-चौकियों में ठेकेदारी प्रथा शुरू हो गई थी। कुल मिलाकर भ्रष्टाचार का बोलबाला था। जनता इस भ्रष्टाचार से परेशान आ चुकी थी। इसी प्रकार बसपा सुप्रीमो मायावती को उनका अहंकार ही मार गया।
अपनी पार्टी के मंत्रियों और कार्यकर्ताओं से सीधे मुंह बात न करने वाली मायावती को इस बार अच्छा सबक मिला है। उन्हें अब अपने अहंकार पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव यदि कांग्रेस से गठबंधन नहीं करते तो हालात इतने बदतर नहीं होते।
स्वतंत्र देव सिंह का कहना था कि पहली बार मुस्लिम समाज से भी भाजपा को जमकर वोट मिले हैं। दलित समाज ने भी इस बार विकास की राजनीति को अपनाते हुए भाजपा का साथ दिया है। यही कारण है कि भाजपा की प्रदेश में एतिहासिक जीत हुई है। अब रविवार को संसदीय बोर्ड की बैठक में सीएम का नाम तय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ विकास की राजनीति करती है। तीन तलाक के मामले में भी वह गंभीर नजर आए। उनका कहना था कि जनता से अपने समर्थन से बता दिया है कि अब राज्यसभा में भी भाजपा का परचम लहराएगा। ऐसे में तीन तलाक जैसे मुद्दों पर भी कानून बनाना आसान होगा।
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