प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सरकारी कार्यालयों का रंग-ढंग भी बदल गया है। दफ्तरों की सफाई और रंगाई-पुताई के बाद अब अधिकारियों के कक्ष की दीवार पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डा. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर नजर आने लगी है।
इस बदलाव का मकसद जनता में सकारात्मक संदेश दिया जाना बताया जा रहा है लेकिन असल कहानी यह है कि अधिकारियों ने भाजपा के नेताओं और मंत्रियों को खुश करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर हटाकर अब मोदी-योगी की तस्वीर लगा ली है।
विकास भवन में समाज कल्याण विभाग और युवा कल्याण विभाग में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो लगा दी गई है। साथ ही बाकी सरकारी दफ्तरों के लिए भी इनकी फोटो को बनवाकर लगाने के मौखिक आदेश दे दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो अधिकारी फोटो बनाने का आर्डर भी दे चुके हैं। हालांकि फोटो लगाए जाने का निर्णय किसी प्रोटोकाल के तहत नहीं हुआ है।
यह महज सरकार के नुमाइंदों को खुश करने के लिए किया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक जनपद में मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान सरकारी दफ्तर में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर लगी मिली थी। कुछ मंत्रियों को भी अपने विभागों निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में अखिलेश यादव की फोटो टंगी देख अफसरों की जमकर क्लास ली थी।
इसके बाद से प्रोटोकाल न होते हुए भी मोदी-योगी की तस्वीर लगाई जा रही है।
- बोले अधिकारी
युवा कल्याण विभाग अधिकारी रामशरण सिंह ने कहा कि तस्वीर लगाने की वजह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर जनहित में कार्य करने की है। इससे विकास का लक्ष्य हमेशा दिमाग में रहेगा। यह प्रोटोकोल में नहीं है, लेकिन तस्वीरें सकारात्मक संदेश देने के लिए है।