हत्यारे अंकित पर था 20 लाख का कर्ज
अंकित को पिछले कुछ वर्षों में करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। उस पर लगभग बीस लाख रुपये का कर्ज है। कर्ज उतारने के लिए उसने दुकान लूट की साजिश रची थी। वह काफी समय से लूट को अंजाम देने की फिराक में था। अंकित के मोबाइल की वेब ब्राउजर हिस्ट्री में काफी सारी ऐसी फिल्में और क्राइम सीरीज देखी गई हैं जो डकैती और लूट पर आधारित हैं।
डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया था कि हत्यारोपी अंकित गुप्ता पुत्र राकेश गुप्ता निवासी मोदीपोन रोड मोदीनगर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 35 वर्षीय अंकित ने एक प्रतिष्ठित कॉलेज से एमबीए किया है। अंकित गाने भी लिखता था और उसका डिजायर टेलीफिल्म्के नाम से यू-ट्यूब चैनल है।
आरोपी अंकित ने कबूला जुर्म
अंकित ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह क्रिप्टो करेंसी और अन्य ऑनलाइन एप पर रकम लगाता था। उसे पिछले कुछ वर्षों में करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। लगभग बीस लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज उतारने के लिए उसने लूट की साजिश रची थी। अंकित का परिवार पहले संतपुरा कॉलोनी में रहता था। उसे शहर के नामी सराफा कारोबारी गिरधारी लाल सोनी की दिनचर्या पता थी।
बाजार में गिरधारी लाल सराफ की दुकान सबसे पहले खुलती थी। दुकान खुलने के दौरान बाजार एकदम सुनसान रहता था। कुछ दिन रेकी करने के बाद अंकित ने तीन दिसंबर को ऑनलाइन चाकू, चापड़ और कैंची व मिर्च पाउडर मंंगाया। पूछताछ में सामने आया कि अंकित परिजनों से दोस्त के पास जाने के बात कहकर 3 दिसंबर की रात ही घर से निकल गया था और 4 दिसबंर की सुबह दुकान खुलते ही लूट के इरादे से सराफ गिरधारी लाल सोनी की दुकान में घुसकर हत्या कर दी।
भीड़ की धुनाई में हुए चार फ्रैक्चर
बृहस्पतिवार सुबह मुख्य बाजार में लूट के इरादे से पहुंचे अंकित गुप्ता ने जैसे ही दुकान में घुसकर सराफ गिरधारी लाल पर चाकू और चापड़ से ताबड़तोड़ प्रहार करने शुरू किए उसके कुछ देर बाद ही वहां गिरधारी लाल के छोटे बेटे रूपेंद्र पहुंच गए। उन्होंने अंकित को दबोच लिया, हालांकि अंकित ने उन पर भी हमला किया, मगर रूपेंद्र ने पकड़ ढीली नहीं की। शोर सुनकर मौके पर जमा भीड़ ने अंकित की जमकर धुनाई की। इसमें अंकित के सिर में गंभीर चोटें आईं व दोनों हाथों में चार फ्रैक्चर हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को उपचार के बाद आरोपी अंकित को जेल भेज दिया।