पुलिस के मुताबिक, वसुंधरा सेक्टर-1 की एक सोसायटी में रहने वाले पोस्टल विभाग के सीनियर अकाउंटेंट शशांक कंथरिया पर 25 अक्तूबर को उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और उसके जिम संचालक प्रेमी प्रताप सिंह से जुड़े हमले का मामला सामने आया। शशांक के भाई रितेश कंथरिया के मुताबिक, प्रताप ने दो चाकूओं से उनके भाई पर ताबड़तोड़ करीब एक दर्जन वार किए थे। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शशांक के गले पर गंभीर चोट आई, उनकी जीभ कट गई और सिर, सीने, हाथ और आंख के आसपास भी चाकू से चोट लगने की जानकारी सामने आई है। गंभीर रूप से घायल शशांक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की।
सर्जरी के बाद खुलीं आंखें, फिर छा गया बेहोशी का सन्नाटा
परिजनों के लिए सबसे मुश्किल घड़ी वह है, जब अपने ही परिवार के सदस्य को सामने देखकर भी पहचान मिलने का इंतजार बना हुआ है। रितेश के मुताबिक, सर्जरी के बाद जब वह अपने भाई को देखने पहुंचे, तो शशांक ने मामूली देर के लिए एक आंख खोली। लेकिन इसके बाद वह फिर बेहोशी की अवस्था में चले गए। वह परिजनों को पहचान भी नहीं पा रहे हैं। रितेश ने बताया कि डॉक्टर शशांक को बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। परिवार की उम्मीदें अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे शशांक की सेहत में सुधार पर टिकी हैं।
‘नीले ड्रम’ के बाद ‘नीले चाकू’ की चर्चा क्यों?
मामले में नया मोड़ तब आया, जब सोशल मीडिया पर लोगों ने वारदात में इस्तेमाल चाकुओं के कथित नीले हैंडल को लेकर पोस्ट करना शुरू कर दिया। मेरठ की चर्चित ‘नीले ड्रम’ वाली घटना का जिक्र करते हुए लोग इंदिरापुरम के मामले को ‘नीले चाकू’ से जोड़कर देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर रंग और वारदात के संदर्भ को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। कुछ लोग एक्स पर लिख रहे हैं कि किसी हथियार का रंग अपने आप में किसी घटना को दूसरी घटना से जोड़ने का प्रमाण नहीं होता।
- सोशल मीडिया पर ‘नीले ड्रम’ के बाद ‘नीले चाकू’ की चर्चा चल रही है। घटना में प्रयोग हुए दो चाकुओं में से एक चाकू का हैंडल का रंग नीला है, जिसके चलते लोग इसका सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। - ऋजुल, डीसीपी ट्रांस हिंडन गाजियाबाद