कॉपी जांचने के बाद भरना होगा संकल्प पत्र
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यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे परीक्षकों को इस बार संकल्प पत्र भी भरना होगा। संकल्प पत्र में परीक्षक कॉपी जांचने के दौरान अपनाए गए मानकों की जानकारी देंगे। केंद्र व्यवस्थापक केवी सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था पहली बार की गई है।
इस बार प्रत्येक विषय की कॉपी जांचने के बाद परीक्षक और मुख्य परीक्षक को संकल्प पत्र भरना होगा। कॉपी जांचते समय शिक्षक मनमर्जी से अंक नहीं दे सकते हैं। उन्हें शपथ पत्र में स्पष्ट करना होगा कि जिन बच्चों को 90 या इससे अधिक अंक दिए गए हैं,
उनकी कॉपी बिल्कुल सही तरह से जांची गई है। रैंडम चेकिंग के तौर पर उप प्रधान परीक्षक 15 फीसदी कॉपी जांचेंगे। कॉपी जांचते समय यदि किसी प्रश्न का उत्तर गलत है तो उस पर क्रास का निशान लगाने के साथ ही शून्य मार्किंग करना भी जरूरी होगा।
मूल्यांकन के बाद अंकित नंबर को अंक के साथ ही शब्दों में भी लिखना होगा। प्रत्येक विषय की कॉपी के साथ शिक्षक को अपना नाम, कालेज का नाम और परीक्षक संख्या सभी कोट करना होगा।
बाद में, किसी विद्यार्थी के क्लेम करने पर ये भी मालूम हो सकेगा कि किस शिक्षक ने कॉपी जांची है। संकल्प पत्र में गलत जानकारी देने पर परीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह लिखना होगा संकल्प पत्र में
प्रमाणित किया जाता है कि परिषद द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए मूल्यांकन कार्य किया गया है। फिर भी यदि मूल्यांकन कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होऊंगा। इस क्रम में मेरे विरुद्ध जो भी कार्यवाही की जाएगी, मुझे मान्य होगी।