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Ghaziabad News: मंडी में नारियल के बाद अब गन्ने के ट्रकों पर भी पाबंदी

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-मंडी में नारियल और गन्ने के ट्रक टैक्स नहीं देने की वजह से लगी रोक

-लोग सड़क पर गाड़ियां खड़ी करके बेच रहे नारियल और गन्ने
संवाद न्यूज एजेंसी

साहिबाबाद। नवीन फल सब्जी मंडी में नारियल के ट्रक के बाद गन्ने के ट्रकों पर भी मंडी समिति ने मंडी में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। मंडी में नारियल और गन्ने के ट्रक नहीं पहुंचने पर लोग मंडी के बाहर सड़क पर ट्रक खड़े करके नारियल और गन्ने बेच रहे हैं।
साहिबाबाद फल एवं सब्जी मंडी में प्रतिदिन करीब 18 से 20 बड़े ट्रकों से नारियल की खेप आती है। लंबे अर्से से नारियल व्यापारी बिना टैक्स दिए ही मंडी में प्रवेश करते थे और अपना माल बेचते थे। वहीं अब इन नारियल के ट्रकों को बिना टैक्स दिए मंडी में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। इसी श्रेणी में अब गन्ना के ट्रक पर भी मंडी में प्रवेश पर रोक लगेगी। मंडी सचिव सुनील कुमार का कहना है कि नारियल खाद्य तेल की श्रेणी में आता है। बावजूद इसके नारियल व्यापारी टैक्स नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि मंडी में नारियल का ट्रक आने से जाम तो लगता ही है जगह-जगह गंदगी भी फैलती है। ऐसे में इस पर रोक लगा दी गई है। नारियल के साथ ही अब गन्ने के ट्रक पर भी रोक लगाई गई है, क्योंकि यह भी कोई कर नहीं दे रहे। वहीं नारियल व्यापारियों ने इस मामले में उल्टा मंडी समिति को घेरा है। व्यापारियों का कहना है कि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिन पर टैक्स नहीं है। व्यापारियों का यह भी आरोप है कि भले वह लोग टैक्स नहीं देते थे, लेकिन मंडी में ट्रक के प्रवेश के एवज में मंडी समिति के कुछ लोग अवैध वसूली करते थे। अब यह अवैध वसूली रुक गई है। इसकी वजह से मंडी में ट्रक को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। इस आरोप को मंडी सचिव ने निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि नारियल व्यापारी यदि यह कहीं भी लिखित में दिखा दें या फिर मुख्यालय से यह लिखवाकर लाएं कि नारियल पर कर नहीं है तो ही वह ट्रक को मंडी में प्रवेश देंगे।
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ऐसे उठा नारियल के ट्रक का मुद्दा
मंडी में किसानों के चबूतरों पर अवैध कब्जा और टीन शेड के मुद्दे पर जब मुख्यमंंत्री को शिकायत की गई तो आदेश के बाद मंडी से अवैध कब्जे और टीन शेड को हटाया गया। इसके बाद कुछ व्यापारियों ने नारियल के ट्रक बिना टैक्स के मंडी में प्रवेश करने पर भी आपत्ति जताई। इसकी भी शिकायत मुख्यालय तक पहुंचाई गई। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी में बिना टैक्स दिए नारियल के ट्रक आते हैं। इससे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। व्यापारियों ने मंडी सचिव से शिकायत की कि समिति के कुछ लोग अवैध वसूली कर नारियल के ट्रक को मंडी में प्रवेश देते हैं। व्यापारियों ने यह शिकायत मुख्यालय भी पहुंचाई और इस संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मुख्यालय के निर्देश पर जब समिति सचिव ने पूरे मामले की जांच की तो पाया गया कि नारियल के ट्रक बिना टैक्स दिए मंडी में प्रवेश करते हैं, जबकि नारियल भी खाद्य पदार्थ में शामिल है। ऐसे में नारियल व्यापारियों को टैक्स देने के लिए कहा गया, टैक्स न देने पर मंडी में प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
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