अब फिर से एक बड़ा सवाल उठ गया है कि आंदोलन में अब आगे क्या होगा। राकेश टिकैत की भावुक अपील के बाद बैकफुट पर आया जिला प्रशासन दिनभर रणनीति बनाने में जुटा रहा, लेकिन किसानों के उमड़े रेले के आगे के कोई जुगत काम नहीं आ रही। उधर, किसान नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन के खत्म नहीं होने और केवल भारत सरकार से बात करने की बात कहकर अपने इरादे जता दिए हैं।
मौजूदा हालात को देखते हुए आंदोलन फिर लंबा खिंचने के कयास लगाए जा रहे हैं। यूपी गेट पर देशभर से उमड़े किसानों के हुजूम के बाद धरनास्थल पर राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों के साथ सरदार बिरादरी को बदनाम करने की साजिश रची गई।
भाजपा विधायक के साथ आए 200 से अधिक लोगों ने किसानों पर हमला करने के साथ उनकी पगड़ी उछालने की साजिश की। अगर यह लोग अपनी साजिश में सफल हो जाते तो लोग कहते कि जनता उन्हें पीट रही है। शांतिपूर्वक धरना समाप्त करने का मन बना रहे किसानों ने इस साजिश का नाकाम कर दिया।
सम्मान के साथ आए हैं, सम्मान के साथ जाएंगे
राकेश टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसानों ने सम्मान के साथ आंदोलन शुरू किया था। अपने सम्मान को आगे भी बरकरार रखा जाएगा। किसानों पर पत्थर नहीं, फूल बरसाए जाएंगे। किसानों को बदनाम करने की हुई दो बड़ी साजिश नाकाम हो गई हैं। ऐसे में किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ जंग को किसान जीतकर जाएंगे। उन्होंने किसान आंदोलन में समर्थन देने आए लोगों से शांति का दान देने की अपील की।
प्रशासन ने नहीं किया बंदोबस्त तो जमीन खोदकर निकालेंगे पानी
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के आंदोलन को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन हर हथकंडे अपना रहा है। यूपी गेट पर आंदोलन स्थल की पहले बिजली काटी गई, फिर पानी व अन्य सुविधाएं बंद कर दी गईं। अगर सरकार पानी का जल्द बंदोबस्त नहीं करती है तो किसान सबमर्सिबल से खुद जमीन खोदकर अपने लिए पानी का बंदोबस्त करेंगे। किसान दिल्ली का नहीं, बल्कि यूपी में आंदोलन स्थल की जमीन का पानी पीएंगे।
लालकिला की घटना बहुत बड़ी साजिश
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली में लालकिला पर हुई घटना के पीछे भी बहुत बड़ी साजिश है। मामले में सिख समाज को बदनाम करने की भी साजिश हुई। लाल किले में जहां एक पक्षी भी नहीं जा सकता है, वहां बड़ी संख्या में भीड़ कैसे घुस गई। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मामले में अगर दोष साबित होता है तो वह जेल जाने को तैयार हैं। बृहस्पतिवार की घटना पर उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस से कोई नाराजगी नहीं है, हम सरकार की साजिश का विरोध करते हैं।