गाजियाबाद। प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी के आरोपी सहारनपुर निवासी दो भाइयों विभोर राणा और विशाल सिंह के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। बीते दिनों पुलिस ने इसके लिए अनुमति मांगी थी, जो अब उत्तर प्रदेश सलाहकार बोर्ड और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दे दी है। इसके तहत दोनों एक साल तक जेल में निरुद्ध रहेंगे और इस अवधि में उन्हें जमानत नहीं मिल सकेगी।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि नवंबर 2025 में नंदग्राम पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मछली गोदाम में छापा मारकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की 1,150 पेटियां बरामद की थीं। मामले में आठ तस्कर गिरफ्तार किए गए थे। जांच में विभोर और विशाल के नाम भी सामने आए थे। उन्हें एसटीएफ लखनऊ ने गिरफ्तार किया था और दोनों लखनऊ जेल में बंद हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों पर करीब 150 करोड़ रुपये का अवैध सिंडिकेट चलाने का आरोप है। फर्जी दवा फर्मों और बिलों के जरिये प्रतिबंधित कफ सिरप की खरीद-फरोख्त कर बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक पहुंचाने का आरोप है। दोनों भाइयों की करीब 15 करोड़ रुपये की संपत्ति अब तक कुर्क की जा चुकी है। कमिश्नरेट पुलिस के 10 साल के रिकॉर्ड में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत यह पहली कार्रवाई बताई गई है।