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Ghaziabad News: कार्यालय में बेहोश मिले, एसीपी ट्रैफिक चालू था हीटर, ऑक्सीजन की कमी का अंदेशा

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गाजियाबाद। पुलिस लाइन में अपने ऑफिस में बैठे एसीपी ट्रैफिक बेहोश मिले। उनके रूम में हीटर चल रहा था। ऐसे में अंदेशा है कि हीटर के कारण ऑक्सीजन की कमी होने से ऐसा हुआ। गनीमत रही कि इसी दौरान कार्यालय में पहुंचे पेशगार सोमवीर सिंह ने उन्हें देखकर शोर मचाया और तुरंत यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उन्हें इमरजेंसी में रखा है और अब हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन अहमद करीब साढ़े 10 बजे पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने उनके आने से पूर्व ही रूम का हीटर ऑन कर दिया। करीब 11 बजे पेशगार सोमवीर सिंह कार्यालय में दाखिल हुए तो एसीपी ट्रैफिक कुर्सी पर बेहोश थे। बेहोशी में वह टेबल पर गिर गए। पेशगार ने तुरंत दरवाजा खोला और रूम हीटर बंद कर शोर मचाया। मौके पर हमराह रोहित व अन्य कर्मचारी कार्यालय में पहुंचे और बेहोशी की हालत में एसीपी ट्रैफिक को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के चलते एसीपी को इमरजेंसी में भर्ती कर उपचार किया गया। करीब एक घंटे बाद एसीपी की बेहोशी टूटी। चिकित्सकों ने बताया कि अब उनकी हालत खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य सामान्य होने में तीन चार दिन लगेंगे। फिलहाल उनका उपचार चल रहा रहा है।
रूम हीटर ले सकता है जान, बरतें सावधानी
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन के मुताबिक रूम हीटर चालू होने पर अगर कमरे में हवा पास होने के लिए कोई रोशनदान या खिड़की नहीं है तो ऑक्सीजन कम होने लगती है और उसकी जगह कार्बन मोनो ऑक्साइड ले लेती है। इससे बेहोशी और अगर समय पर बाहर नहीं निकले तो जान जाने का खतरा भी रहता है। साथ ही इसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। हीटर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल त्वचा से लेकर आंखों और सांस की समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है। हीटर की गर्म हवा वातावरण में सूखापन बढ़ा देती है। नमी को तेजी से कम कर हवा शुष्क हो जाती है। सूखी हवा के कारण त्वचा में रूखापन बढ़ने लगता है। जिन लोगों को पहले से अस्थमा जैसी सांस की समस्या रही है उनके लिए गर्म और सूखी हवा समस्याओं को बढ़ा देती है।
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रूम हीटर का इस्तेमाल करते हैं तो बरतें सावधानी

-हीटर का इस्तेमाल सीमित समय के लिए करें और कमरे में हल्का वेंटिलेशन जरूर रखें।

-इलेक्ट्रिक हीटर को सुरक्षित दूरी पर रखें और सोते समय बंद कर देना बेहतर होता है।

-कमरे में नमी बनाए रखने के लिए पानी से भरा बर्तन या ह्यूमिडिफायर का उपयोग किया जा सकता है।

-गर्म कपड़े पहनना और संतुलित आहार लेना भी ठंड से बचाव का सुरक्षित तरीका है।

-जिन लोगों को सांस की समस्या है या फिर आंखों में लेंस पहनते हैं उन्हें गर्म हवा के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए।
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