नोएडा के चर्चित ठेके घोटाले में फंसे आरोपी तीसरी बार सम्मन जारी होने के बावजूद घर नहीं मिले, ऐसे में इस बार सीबीआई ने उनके घर और प्रतिष्ठानों पर सम्मन चस्पा कर दिए हैं। उधर, इसी मामले में पहले से ही डासना जेल में बंद यमुना एक्सप्रेस-वे, नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथारिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह, उसके सहयोगी रामेंद्र सिंह और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर/पार्टनर वीके गोयल की न्यायिक हिरासत सीबीआई कोर्ट ने 11 अगस्त तक बढ़ा दी है।
बृहस्पतिवार को डासना जेल में बंद चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह, सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह और वीके गोयल को कड़ी सुरक्षा में सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश किया गया। यादव सिंह प्राइवेट एंबुलेंस से कोर्ट परिसर तक आया। इसके बाद व्हीलचेयर पर उसे कोर्ट में लाया गया। न्यायाधीश एके झा ने सभी की न्यायिक हिरासत बढ़ाते हुए 11 अगस्त की तारीख नियत कर दी।
सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि सम्मन लेकर कई बार आरोपियों के घर टीम गई, मगर हर बार घर पर या तो महिलाएं मिलीं या फिर अन्य रिश्तेदार। ऐसे में अब उनके घरों पर ही सम्मन चस्पा की कार्यवाही की गई है।
दो आरोपियों के अधिवक्ताओं ने दी हाजिरी माफी की अर्जी, फैसला सुरक्षित
यादव सिंह प्रकरण में फंसे दो आरोपियों प्रदीप गर्ग और जेपी सिंह ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कोर्ट में हाजिरी माफी की अर्जी दाखिल की। इन दोनों को ही आरोपियों को सीबीआई सम्मन तामील करा चुकी है।
इनमें से जेपी सिंह के कोर्ट पूर्व में ही जमानती वारंट भी जारी कर चुकी है। हाजिरी माफी की अर्जी में दोनों ने खुद को बीमार बताया। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने दोनों आरोपियों की अर्जी पर विरोध जताते हुए कहा कि आरोपी आज तक कोर्ट में एक बार भी पेश नहीं हुए, ऐसे में हाजिरी माफी नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने पर न्यायाधीश एके झा ने फैसला सुरक्षित रख लिया।