गाजियाबाद। शक्ति खंड में चार करोड़ की कीमत के प्लाॅट को 1.40 लाख रुपये बेचने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस मामले में अपनी बहन, जीडीए कर्मियों समेत छह पर आरोप लगा कविनगर थाने में शिकायत की है।
पीड़ित शारदेंदू गुप्ता का आरोप है कि उनके प्लॉट का आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर बैनामा कर दिया। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि विकास गुप्ता, सुषमा गोयल, विजयपाल सिंह, लाल बहादुर और जीडीए के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर कविनगर थाने में केस दर्ज कराया है। मामले की जांच की जा रही है।
पीड़ित ने शिकायत में बताया है कि उनकी मां मनोरमा गुप्ता के नाम शक्ति खंड चतुर्थ कॉपरेटिव हाउसिंग सोसायटी इंदिरापुरम में एक प्लॉट था। 1994 में उनकी मां की मौत के बाद बहन सुषमा व विकास गुप्ता प्लॉट के एक तिहाई हिस्सेदार बने। उन्होंने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में अपना नाम भी दर्ज कराया था।
आरोप है कि बहन और अन्य लोगों ने साठगांठ कर वर्ष 2023 में प्लॉट की पावर ऑफ अटॉर्नी मंगू त्यागी निवासी मकनपुर इंदिरापुरम के नाम फर्जी दस्तावेजों और गवाह के जरिये कर दी। वर्ष 2024 में मंगू सिंह ने प्लॉट का बैनामा अपने बेटे कुलदीप त्यागी के नाम कर दिया।
इसकी कीमत मात्र 1.40 लाख रुपये बताई गई है। सरकारी मूल्यों के आधार पर इस प्लॉट की कीमत 88 लाख रुपये है और बाजार की कीमत करीब चार करोड़ रुपये है।