एमएमजी जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों कि भीड़। संवाद
गाजियाबाद। डिप्थीरिया के लक्षण वाला एक 10 वर्षीय बालक मिला है। संदिग्ध मरीज का संयुक्त जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल की तरफ से बच्चे का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि संजयनगर सेक्टर-23 निवासी में रहने वाले 10 वर्षीय बच्चे को बुखार व गले में दर्द की शिकायत हो रही थी। इसके बाद परिजन प्राइवेट चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। लक्षणों को देखते हुए चिकित्सक ने बच्चे को संयुक्त जिला अस्पताल में उपचार कराने के सुझाव दिया। परिजन शनिवार को बच्चे को अस्पताल लाए। इसके बाद बच्चे को प्राइवेट वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बच्चे की हालत में सुधार है। परिजनों ने बताया कि बच्चा निजी स्कूल में कक्षा छह का विद्यार्थी है वहां बच्चे को टीका नहीं लगाया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि स्कूल में जानकारी की गई तो वहां से बताया गया कि पांच वर्ष तक के बच्चों को टीका लगा है लेकिन उससे बड़े बच्चों को टीका नहीं लग पाया है। इस संबंध में क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
अब तक जिले में मिले हैं चार केस
जिला क्षय रोग विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक चार मरीज मिले हैं और एक के मौत की पुष्टि हुई है। अभी भी डिप्थीरिया के संदिग्ध मरीजों का मिलना जारी है। इसके अलावा पिछले वर्ष 24 मरीज मिले थे और छह की मौत हुई थी। वर्ष 2023 में 10 मरीज और एक का आंकड़ा है।
जिले में चल रहा है टीकाकरण अभियान
टेटनस और डिप्थीरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 31 अगस्त तक टीडी टीकाकरण अभियान चलाया गया था। इसमें 10 वर्ष से लेकर 16 साल के बच्चों का टीकाकरण किया गया था। जो बच्चे छूट गए उनको टीका लग सके इसके लिए 10 सितंबर तक अभियान जारी रखा गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल का कहना है कि अब तक 30 हजार बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।