मेरठ रोड स्थित रैपीड स्टेशन के समीप टूटी सड़क। स्रोत जागरुक पाठक
गाजियाबाद। सावन को लेकर की गई 13 सड़कों की मरम्मत डेढ़ माह भी नहीं टिक पाई है। स्थिति यह हो गई है कि सड़क पूरी तरह से उधल गई है। सड़कों पर पड़ी बजरी पर टायर पड़ने से दुपहिया सवार संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से इन सड़कों की स्थिति अस्थायी तौर पर सही करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
इसके लिए शासन से मंजूरी जुलाई माह में सावन को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से 13 सड़कों पर गड्ढे चिह्नित कर मरम्मत और पैचवर्क का कार्य किया गया था। इस दौरान करीब पांच से सात लाख रुपये भी इन सड़कों की मरम्मत पर खर्च किए गए लेकिन पैच वर्क और गड्ढे भरने का कार्य कुछ ही समय तक टिक पाया और तेज बरसात में पैच वर्क खराब हो गया।
गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर और लोनी क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत की गई थी। यह पैच वर्क अबूपुर मार्ग, शाहजादपुर मार्ग, जीटी रोड दूधेश्वरनाथ मार्ग, लोनी एक्सप्रेसवे, सिंचाई विभाग की सड़कें, सुरहाना मंदिर मार्ग समेत कुल 13 सड़कों पर किया गया था। दूधेश्वरनाथ मंदिर को जाने वाले मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। विभाग की ओर से तीन माह पूर्व 194 सड़कों के नवीनीकरण और निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव में इन 13 सड़कों के नवीनीकरण और मरम्मत को भी शामिल किया गया था। शासन से अब तक प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगाई गई है। ऐसे में जख्म देने वाली सड़कों से निजात दिलाने को विभागीय अधिकारी प्रस्ताव की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति यह है कि वर्तमान में वाहन सवारों को सड़क पर गड्ढों में हिचकोले खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग रामराजा ने बताया कि सड़कों की मरम्मत बरसात समाप्त होते ही हो जाएगी। शासन से शीघ्र ही प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। बरसात के समय निर्माण कार्य टिकते नहीं हैं, इस वजह से निर्माण बहुत ही आपात स्थिति में होता है।