गाजियाबाद। वैक्सीन डिराइव्ड पोलियो (वीडीपीवी) वायरस की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष पोलियो अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में शून्य से पांच वर्ष तक के लगभग 7.50 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 28 जून को व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। अभियान के तहत जिले भर में 1600 बूथ स्थापित किए जाएंगे, जबकि दो हजार टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने का कार्य करेंगी। सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में अभियान की निगरानी के लिए 22 सर्विलांस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
डूंडाहेड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के नमूने में वैक्सीन डिराइव्ड पोलियो (वीडीपीवी) वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 12 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष सर्वे कराया था। इस सर्वे के लिए 107 टीमों को लगाया गया। टीमों ने 10 दिनों के दौरान कुल 31,100 घरों का सर्वे किया और 13,932 बच्चों के टीकाकरण का सत्यापन किया था। सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि 289 बच्चे पोलियो टीकाकरण से वंचित पाए गए। इसके अलावा 378 बच्चों ने पिछले दो चरणों में कम से कम एक खुराक नहीं ली थी। हालांकि जांच के दौरान 12,786 बच्चों के दोनों चरणों में पूर्ण टीकाकरण होने की पुष्टि हुई। सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर अब स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। अभियान के दौरान 1600 बूथों पर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जाएंगी। दो हजार टीमों को घर-घर जाकर ऐसे बच्चों तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए। इसके अलावा अभियान की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है।
अभियान के लिए मेरठ मंडल के मुख्य कोल्ड स्टोर से मंगलवार तक करीब 10 लाख डोज जिले में पहुंचने की उम्मीद है। वैक्सीन प्राप्त होने के बाद इसे जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अभियान के दौरान किसी प्रकार की कमी न रहे।
सर्विलांस टीम सक्रिय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य ने बताया कि पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष जिम्मेदारियां दी गई हैं। साथ ही सर्विलांस टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से छूटने न पाए और जिले को पोलियो के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।