गाजियाबाद। बुधवार को अदालत में एक केस में कई तारीख से गवाह के पेश नहीं होने पर न्यायिक अधिकारी और लोक अभियोजक के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि न्यायिक अधिकारी के लोक अभियोजक पर जुर्माना लगाने और कस्टडी में लेने की बात कहने पर मामला तूल पकड़ने लगा था। तीखी नोकझोंक होने के साथ ही कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि न्यायिक अधिकारी का रक्तचाप अचानक बढ़ गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलने पर न्यायिक अधिकारियों और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। बार एसोसिएशन के सचिव वरुण त्यागी और अध्यक्ष ब्रह्मदेव त्यागी ने मामले को शांत करने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की। न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को सुना गया और आपसी बातचीत से विवाद को सुलझा लिया गया। वरुण त्यागी ने बताया कि स्थिति को जल्दी नियंत्रित किया गया और किसी भी प्रकार के विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से रफा-दफा कर दिया गया।