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Ghaziabad News: 15 हजार की ठगी से पीड़ित व्यक्ति ने की थी 10 वर्षीय किशोर की हत्या

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लोनी। 15 हजार रुपये की ठगी होने पर पड़ोसी ऑटो चालक ने 10 साल के मासूम देव को अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात में ऑटो चालक धर्मेंद्र उर्फ राजू, उसका बेटा रोहित और दोस्त गुड्डू शामिल थे। तीनों मासूम को ऑटो में बैठाकर दिल्ली के नरेला में ले गए और वहां जाकर ईंट से पीटकर देव की हत्या कर दी। हत्या के पीछे की वजह धर्मेंद्र के साथ देव के चाचा रवि ने की 15 हजार रुपये की ठगी निकलकर सामने आई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार को मामले का खुलासा किया।
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एसीपी अकुंर विहार अजय कुमार ने बताया सेवाधाम महामाया कुंज विहार कॉलोनी में रहने वाले रवि ने 10 जुलाई को उनके बेटे देव के गुमशुदा होने की शिकायत दर्ज कराई थी। करीब 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए थे। मुखबीर, सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से किशोर के पड़ोस में ही रहने वाले धर्मेंद्र उर्फ राजू, उसके बेटे रोहित और उसके साथी गुड्डू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसके ऊपर काफी कर्जा हो गया था। वह 2.50 रुपये का लोन लेने की कोशिश कर रहा था। तभी उसकी मुलाकात देव के चाचा नरेश से हुई। नरेश ने उन्हें जल्दी लोन दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले में नरेश ने 15 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद भी उसका लोन पास नहीं हुआ। इसी बात को लेकर वह नरेश व उसके परिवार से नाराजगी रखने लगा। बताया कि उसने अपने छोटे लड़के रोहित और साथी गुड्डू के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इसके बाद तीनों ने 10 जुलाई को अपने ऑटो रिक्शा में देव को बिठाया और दिल्ली के नरेला स्थित औद्योगिक क्षेत्र में ले गए। रोहित ने देव के पैर और गुड्डू ने हाथ पकड़े धर्मेंद्र ने ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सफेद बोरे में डालकर तालाब में फेक दिया था। एसीपी ने बताया कि पुलिस ने 11 जुलाई को धर्मेंद्र से पूछताछ की थी। पूछताछ में धर्मेंद्र ने देव के गायब होने के बारे में जानकारी न होने की बात कही। तीन दिनों बाद धर्मेंद्र घर से गायब हो गया था। परिजनों को शक हुआ तब उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने धर्मेंद्र को बुलाने की कोशिश की। लेकिन धर्मेंद्र नहीं आया। इसके बाद रोहित से बात कर धर्मेंद्र को बुलाया गया और फिर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।

थाने पहुंचे परिजन
देव की हत्या की खबर सुनकर परिवार में मातम पसर गया। देव परिवार में इकलौता था। रविवार सुबह देव के परिजन, रिश्तेदार और आसपास के लोग लोनी बॉर्डर थाने पहुंचे। लोगों का कहना था कि अगर पुलिस ऑटो चालक को पहले ही हिरासत में लेकर पूछताछ कर लेती तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी। पुलिस के समझाने के बाद सभी लोग वापस लौट गए। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि तीनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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