एलपीजी के साथ पीएनजी का नया कनेक्शन लेना अब आसान नहीं है। जिले में पीएनजी का नया कनेक्शन तभी मिलेगा, जब एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर किया जाएगा। इसके साथ ही बीते डेढ़ माह में जिन उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, उनको एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इसके लिए उनको नोटिस दिया जाएगा। इस संबंध में पूर्ति विभाग की ओर से पीएनजी के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है।
जिले में पीएनजी के 2.65 लाख और एलपीजी के करीब 11 लाख उपभोक्ता हैं। इस्राइल-ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के बाद एलपीजी का संकट बढ़ा तो लोगों ने पीएनजी का रूख किया। मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर अब तक करीब 15 हजार पीएनजी के उपभोक्ता बढ़ गए हैं। इनमें अधिकांश ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास एलपीजी कनेक्शन हैं। शासन के आदेश के बावजूद भी पूर्ति विभाग इन उपभोक्ताओं से एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर नहीं करा पाया।
इतना ही नहीं, विभाग ने इसकी कोई सूची भी नहीं बनाई। अब विभाग की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इन उपभोक्ताओं से संपर्क कर एक कनेक्शन को सरेंडर करने को कहा जाएगा। यदि इन लोगों ने संपर्क करने के बावजूद सरेंडर नहीं किया तो इनका एक कनेक्शन नोटिस देकर कैंसिल किया जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि आईजीएल कंपनी के अधिकारियों से बैठक हो चुकी है। इसमें तय किया गया है कि उपभोक्ता केवल एक कनेक्शन की चला सकता है। आगे जिस भी उपभोक्ता को नया पीएनजी कनेक्शन दिया जाएगा, कंपनी की ओर से देखा जाएगा कि वह उपभोक्ता पहले से तो एलपीजी नहीं चला चला रहा है। यदि वह एलपीजी चला रहा है तो उसको वह कनेक्शन सरेंडर करना होगा। उसके बाद ही उसके नाम पीएनजी कनेक्शन जारी होगा।