गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की ऑफीसर सिटी निवासी अनुज शर्मा ने अपने ममेरे भाई, उसके दोस्त पर और पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक और ऋण मैनेजर से मिलकर उनके नाम से फर्जी फर्म खोलकर 2.75 करोड़ रुपये का ऋण लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर शाखा प्रबंधक, कारोबारी और गवाहों सहित 14 आरोपियों के खिलाफ सिहानी गेट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि अनुज शर्मा के अनुसार उनकी नोएडा में सिद्ध इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म है। इसमें उनके पिता दीपक शर्मा और भाई हितेश शर्मा पार्टनर हैं। बताया कि कारोबार में नुकसान होने पर उन्होंने अपने ममेरे भाई संजीव शर्मा निवासी नोएडा से मदद मांगी। संजीव शर्मा ने अपने दोस्त लक्ष्य तंवर निवासी तुराबनगर नगर कोतवाली से 12 लाख रुपये ब्याज पर दिलवाए। रुपये ने लौटाने पर लक्ष्य तंवर ने फैक्टरी पर मुद्रा लोन लेने का प्रस्ताव रखा।
आरोप है कि संजीव शर्मा और लक्ष्य तंवर ने चंद्रनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक रामनाथ मिश्रा और ऋण मैनेजर प्रियदर्शनी कश्यप से मिलकर अनुज शर्मा के नाम से नकली फर्म के दस्तावेज तैयार किए और 2.75 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया। ऋण के गारंटर विनीता छाबड़ा निवासी वसुंधरा को बनाया गया। बताया गया कि विनीता छाबड़ा के खिलाफ सीबीआई ने भी मुकदमा दर्ज किया है और वह आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। इसके साथ ही गवाह सीता मेहता निवासी करनाल आदि भी ऋण लेने में शामिल रहे। उपरोक्त के खातों में ऋण की धनराशि भी गई। जब अनुज शर्मा को बैंक का नोटिस मिला तो उन्हें 2.75 करोड़ रुपये के ऋण की जानकारी हुई।
एसीपी ने बताया कि अनुज शर्मा की तहरीर पर संजीव शर्मा, लक्ष्य तंवर, रामनाथ मिश्रा, प्रियदर्शनी कश्यप, विनीता छाबड़ा, सीता मेहता, गणेश इंटरप्राईजेज, वीके ट्रेडर्स एंड कंपनी, रामा ट्रेडिंग कंपनी, कुमार डिस्ट्रीब्यूटशन, शेफाली ग्रोवर, सन्नी चौधरी एसआर ट्रेडर्स, नेहा कौशिक, आरके ट्रेडर्स और आरुषि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया कि आईपीसी के अंतर्गत धोखाधड़ी की धारा 420, जालसाजी की धारा 467, नकली दस्तावेज तैयार करने की धारा 468, नकली को असली के रूप में प्रयोग करने की धारा 471 और षड़यंत्र रचने की धारा 120-बी में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।