जिले और हापुड़ के डाकघरों में 94 हजार से अधिक खाते साइलेंट पड़े हैं। इन खातों में पिछले तीन सालों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है। इन खाताधारकों को अब नोटिस भेजे जा रहे हैं।
इस संबंध में राजनगर स्थित डाकघर निदेशक कार्यालय के एएसपी (डाक) कौशल कुमार सिंह ने बताया कि जिन खातों में लंबे समय से लेन-देन नहीं होता है, वह खाते साइलेंट यानी निष्क्रिय कहलाते हैं। इन्हें हर महीने रिव्यू किया जाता है और लोगों को नोटिस भेजा जाता है। खाताधारक केवाईसी कराकर उसे अपडेट करा सकते हैं। एक अगस्त तक जिले में 52 हजार और हापुड़ में कुल 42728 खाते साइलेंट घोषित किए गए हैं। इनको अब नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके लिए खाताधारक को आधार और पैनकार्ड लेकर आना होता है और खाते को अपडेट कर दिया जाता है। लोगों को इस बारे में लगातार जागरूक भी किया जाता है। साथ ही खाताधारक ऑनलाइन सुविधा भी दे सकते हैं। इससे वह ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर साइलेंट होने से बच सकते हैं।
मृतकों के परिजनों को देनी होती है सूचना
सिंह कहते हैं कि जिन खाताधारकों का निधन हो चुका है। उनके परिजनों को छह माह के अंदर डाकघरों को सूचना देनी होती है। उन्हें नॉमिनी के कागजात भी प्रस्तुत करते हैं। लेकिन कई बार जागरूकता के अभाव में लोग ऐसा नहीं करते हैं। इससे सालों साल उनका खाता निष्क्रिय बना रहता है। इस बारे में लोगों को कैंप के दौरान जागरूक भी किया जाता है।