लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी नासिरपुर फाटक स्लीपर बिछाए जाने की वजह से बंद रहा। इससे नेहरूनगर पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ गया और होली चाइल्ड चौराहे पर चारों तरफ भयंकर जाम की स्थिति रही। दिनभर लोगों को मिनटों का सफर तय करने में आधे घंटे से भी ज्यादा का समय लगा।
स्लीपर और ट्रैक बदले जाने की वजह से नासिरपुर फाटक को बुधवार को बंद कर दिया गया था। इस वजह से बीते दो दिन से नेहरूनगर पुल पर जाम की स्थिति बन रही थी। शुक्रवार को भी दिन निकला तो वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम लगना शुरू हो गया। होली चाइल्ड चौराहे पर चारों तरफ से वाहन एक दूसरे के सामने आकर खड़े हो गए। व्यवस्था को बनाने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। एक साइड से वाहनों को रोककर निकाला गया। नासिरपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को करीब एक किलोमीटर लंबे जाम से दो चार होकर निकलना पड़ा।
उधर, मालीवाड़ा की ओर से आने वाले वाहनों को डेढ़ किलोमीटर लंबे जाम में फंसना पड़ा। इतना ही नहीं, होली चाइल्ड स्कूल और बस अड्डे की तरफ से आने वाले मार्ग पर भी लोगों को भयंकर जाम झेलना पड़ा। कई लोग जाम से बचने के लिए राजनगर आरओबी से होकर निकले। इसकी वजह से उनको ज्यादा वक्त लगा। जाम की स्थिति उस वक्त और भी ज्यादा भयंकर हो गई जब स्कूलों की छुट्टी हुई। उस वक्त स्कूली वाहन भी सड़क पर आ गए।
अपने बच्चों को स्कूल लेने आए अभिभावक विशाल ने बताया कि नासिरपुर फाटक आए दिन किसी न किसी कारण से बंद रहता है। स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए यही एकमात्र विकल्प है। इसको लेकर रेलवे प्रबंधन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। पैदल गुजरने वाले लोग फाटक के नीचे से झुककर दिनभर इधर-उधर आते जाते रहे। स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हुए।
इस बारे में नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि कार्य पूर्ण होने तक फाटक बंद रहेगा। मेरठ रूट पर ट्रैक बदले जाने का काम चल रहा है। लोगों से सहयोग की अपील है।