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Ghaziabad News: नोटिस मिलने के बाद भी 93 स्कूलों ने वापस नहीं की 15 प्रतिशत फीस

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गाजियाबाद। जिला विद्यालय निरीक्षक ( डीआईओएस) का नोटिस मिलने के बाद भी जिले के 93 निजी स्कूलों ने कोरोना काल की 15 फीसदी वापस नहीं की है। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 188 स्कूलों को नोटिस जारी कर 28 अप्रैल ( शुक्रवार ) की शाम तक फीस वापस करने के लिए कहा गया था। इस पर 95 स्कूलों ने ही फीस वापस या समायोजित करने का ब्योरा डीआईओएस कार्यालय में दिया है। इनमें से भी किसी ने पूरी 15 फीसदी फीस वापस नहीं की है। किसी ने कहा है कि नए सत्र में समायोजित की जाएगी तो किसी ने कहा कि इसका काफी हिस्सा वापस दिया जा चुका है।
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डीआईओएस कार्यालय से शाम पांच बजे बताया गया कि कई स्कूलों ने ई-मेल के माध्यम से फीस वापसी की प्रक्रिया शुरू करने की सूचना दी है। स्कूलों को इसकी सुविधा दी गई थी। इन स्कूलों में रायन इंटरनेशनल, छबीलदास पब्लिक स्कूल, केडीबी पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका स्कूल, गुरुकुल स्कूल, डीपीएस साहिबाबाद, डीडीपीएस अशोकनगर, डीडीपीएस संजयनगर, डीडीपीएस गोविंदपुरम, कैम्ब्रिज स्कूल इंदिरापुरम, सेंट टेरेसा इंदिरापुरम, सुंदरदीप वर्ल्ड स्कूल, वनस्थली पब्लिक स्कूल, विद्या भारती, सेंट थॉमस इंदिरापुरम, सेंट थॉमस, चिल्ड्रंस एकेडमी, एनल हाउस स्कूल, सीएसएचपी स्कूल, भागीरथ पब्लिक स्कूल, ब्राइटलैंड स्कूल, महाराजा अग्रसेन स्कूल, न्यू रेनबो स्कूल, रामकिशन इंस्टीट्यूट, मॉडर्न स्कूल वैशाली शामिल हैं।


जनवरी के आदेश पर अब तक अमल नहीं :
जनवरी में हाईकोर्ट ने आदेश दिया था, स्कूल कोरोना काल की 15 फीसदी वापस करें। जो छात्र उसी स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनकी फीस वापस समायोजित की जाएगी। जो स्कूल छोड़ चुके हैं, उनकी फीस वापस की जाएगी। इसे शुरु में न प्रशासन ने गंभीरता से लिया और न ही स्कूलों ने। अभिभावकों ने शिकायत की तो प्रशासन ने जिला विद्यालय निरीक्षक को हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी दी। तब जाकर डीआईओएस ने नोटिस जारी किए। इसके बावजूद सभी स्कूलों ने फीस वापस नहीं की है। 12 महीने की फीस वापस की जानी है।
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समायोजित की है फीस :
जीडी गोयनका स्कूल की प्रधानाचार्य नेहा शर्मा का कहना है कि न्यायालय के आदेशानुसार विद्यालय अब तक 80 फीसदी बच्चों की फीस समायोजित कर चुका है। तकनीकी दिक्कत के चलते बाकी 20 फीसदी की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रारूप को भरकर जमा करा दिया गया है। उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स की प्रधानाचार्य शर्मिला रहेजा का कहना है कि विद्यालय ने बड़ी संख्या में स्कूल छोड़ने वाली छात्राओं की 15 फीसदी फीस को वापस किया है। फीस समायोजन की प्रक्रिया आखिरी चरण में चल रही है।





यह जानकारी देनी थी



2020-21 में विद्यालय में कुल कितने छात्रों ने पढ़ाई की?


सत्र 2022-23 में कितने छात्र स्कूल छोड़कर चले गए?


स्कूल छोड़ने वाले कितने छात्रों की फीस वापस की गई?


स्कूल में पढ़ रहे छात्रों में कितनों की फीस समायोजित की गई?




कार्रवाई की जाएगी



जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार श्रीवास का कहना है कि शुक्रवार तक 95 स्कूलों के प्रारूप जमा किए हैं। कुछ स्कूलों ने एक-दो दिन का समय मांगा है। इस मामले को जिला फीस रेगुलेशन कमेटी में ले जाया जाएगा। बैठक में समीक्षा के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





बड़ी राहत मिलेगी

कई स्कूलों में दसवीं, बारहवीं में फीस 10 हजार रुपये महीना तक है। इसकी 15 फीसदी फीस वापस की जानी है। इस तरह एक महीने की 1500 रुपये फीस वापस होगी। कुल 18 हजार रुपये वापस किए जाएंगे। जिन अभिभावकों के दो बच्चे पढ़ रहे हैं, उन्हें 36 हजार रुपये वापस मिलेंगे। महीने की फीस कम या ज्यादा होने पर वापस की जानी वाली फीस कम या ज्यादा रहेगी।
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