15 चौराहों पर ट्रैफिक नियम तोड़ा तो चालान निश्चित
गाजियाबाद। महानगर के 15 चौराहों पर यातायात का नियम तोड़ा तो चालान कटना तय है। गाजियाबाद को जाम मुक्त बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) में प्रमुख 15 चौराहों व तिराहों को रेड लाइट वाइलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) जंक्शन में होंगे। सभी दो पहिया, चार पहिया, ट्रक व व्यावसायिक वाहनों पर नजर रखने के लिए 110 हाई रिजॉल्यूशन ट्रैफिक सर्विलांस (पीटीजेड) और 300 व्हीकल डिटेक्शन सीसीटीवी कैमरा लगेंगे। कुल ट्रैफिक सिग्नल जक्शन में 82 व 28 स्थानों को सर्विलांस जक्शन में शामिल किया गया है।
महानगर में कुल 111 मुख्य स्थानों, तिराहों व चौराहों पर अब हाई रिजॉल्यूशन उच्च क्षमता के .265 लेटेस्ट सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे। यह कैमरा ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉगनिशन सिस्टम से लैस हैं। इससे वाहनों की नंबर प्लेट का लंबी दूरी से फोटो खींचा जा सकेगा। यह कैमरा से रिकॉर्ड की गई वीडियो व पिक्चर कम स्पेस लेती है। आईटीएमएस के टेंडर जारी हो चुके हैं। मार्च में आचार संहिता लगने से पहले एजेंसी फाइनल कर आईटीएमएस का काम शुरू कर दिया जाएगा। आईटीएमएस पर जीडीए की ओर से 40 करोड़ और नगर निगम 10 करोड़ खर्च करेगा। सिस्टम में पहले आधुनिक उपकरण व रेड लाइट लगाने के लिए चौराहों के चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य पर करीब 5 करोड़ अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है।
ये हैं रेड लाइट वाइलेशन डिटेक्शन के मुख्य जंक्शन
आईटीएमएस में रेड लाइन वाइलेशन डिटेक्शन के मुख्य चौराहों में हापुड़ चुंगी, डासना पुल, डासना विलेज कट, होली चाइल्ड चौराहा, हापुड़ तिराहा, चौधरी मोड़, यूपी गेट पुल के नीचे, क्लब-5, वशुंधरा चौराहा, जयपुरिया मॉल इंदिरापुरम, बुद्ध चौक वसुंधरा, रावली रोड मुरादनगर, सीआईएसएफ रोड भारत पेट्रोल पंप चौराहा, लोनी तिराहा, रिवर हाइट्स क्रॉसिंग्स राजनगर एक्सटेंशन शामिल है।
मेरठ तिराहे पर बनेेगा ट्रैफिक कमांड सेंटर
आईटीएमएस का मेरठ रोड तिराहे पर ट्रैफिक कमांड सेंटर बनाया जाएगा। यहां 70-70 इंच की 16 स्क्रीन लगाई जाएंगी। ट्रैफिक पुलिस के पास कमांड सेंटर के साथ पूरे आईटीएमएस के संचालन का जिम्मा होगा। जीडीए की ओर से फाइनल की जाने वाली एजेंसी को पांच साल तक पूरे सिस्टम के मेंटेनेंस का जिम्मा होगा। इसके बाद यह सिस्टम ट्रैफिक पुलिस को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
तुरंत कटेंगे ई-चालान, 80 हैंड हेल्ड डिवाइस मिलेंगी
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर नियम तोड़ने पर मौके पर ही चालान काटा जाएगा। ई-चालान काटने के लिए ट्रैफिक पुलिस को इंटरनेट से इंटीग्रेट 80 हैंड हेल्ड डिवाइस दिए जाएंगे। चालान कटने की जानकारी विभागीय सर्वर में चली जाएगी। एवीडेंस कैमरा बगैर हेलमेट व ट्रिपल राइडिंग करने वाले दो-पहिया वाहनों की वीडियो भी रिकॉर्ड कर सकेंगे।
82 स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, तीन पर स्पीड रडार
सिस्टम में लोगों को यातायात नियमों से अवगत कराने और ट्रैफिक से जुड़ी कोई जानकारी देने के लिए 82 स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित होंगे। यहां स्क्रीन के साथ सूचित करने को स्पीकर की व्यवस्था होगी। दूसरी ओर एलिवेटेड रोड, यूपी गेट फ्लाईओवर और आत्मा स्टील विजयनगर के पास तीन जगह स्पीड रडार लगाए जाएंगे।
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए टेंडर निकाले गए हैं। फरवरी के मध्य तक एजेंसी फाइनल कर आचार संहिता लगने से पहले आईटीएमएस का काम शुरू करा दिया जाएगा। सिस्टम में प्रमुख चौराहों व स्थानों का चयन कर लिया गया है। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए