अधिक नंबर का दबाव देता है तनाव
गाजियाबाद। परीक्षा दे रहे छात्रों में सबसे अधिक तनाव अभिभावकों के कारण बढ़ता है। अभिभावकों का बच्चों के ऊपर से जरूरत से ज्यादा दबाव और बच्चों से अपेक्षाएं ही बच्चों में तनाव का सबसे बड़ा कारण है। खासतौर से पढ़े- लिखे एवं संभ्रांत परिवार में बच्चों के ऊपर दबाव अधिक होता है। यह कहना है मनोचिकित्सक डॉ. संजीव त्यागी का। उन्होंने बताया कि 15 से लेकर 29 वर्ष तक युवाओं में आत्महत्या का मामले सबसे अधिक होते हैं क्योंकि इस उम्र में सबसे अधिक तनाव होता है और वह झेल नहीं पाते हैं। समाज में पिछड़ जाने का तनाव, अव्वल आने का तनाव, नौकरी का तनाव सहित अन्य कई कारण हैं जिसकी वजह से वह डर कर बाद में आत्महत्या का रास्ता चुनते हैं। डॉ. संजीव त्यागी ने बताया कि अगर अभिभावक दबाव ना बनाएं तो हो सकता है किशोर बेहतर परफार्म करें। मनोचिकित्सक डॉ. संजीव ने परीक्षा के तनाव से बचने के उपाय बताए हैं--
- अभिभावक बच्चों पर दबाव ना बनाए
- जितना आसानी से समझ में आए और याद हो उतना ही याद करें , सिलेबस पूरा करने के चक्कर में ना रहें
- परीक्षा के प्रश्नपत्र देखकर घबराएं नहीं, जिस सवाल के जवाब अच्छे से आते हों पहले उसको लिखें
- परीक्षा के दौरान भी पूरी नींद लें, खाने-पीने पर भी ध्यान रखें
- पढ़ाई के बीच-बीच में ब्रेक लें
- अभिभावक बच्चों के समाने डर जाहिर ना करें बल्कि उनको हिम्मत दें
- प्रीलीम्स परीक्षा के रिजल्ट याद कर घबराएं नहीं, उस वक्त अक्सर कम मार्क्स दिए जाते हैं