इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड की मथुरा रिफाइनरी में बीडीएफई प्लांट में हुए 87 लाख के कोलतार घोटाले में एक अधिकारी को सीबीआई गाजियाबाद कोर्ट ने जेल भेज दिया है। इसी मामले में बाकी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
बीडीएफई के सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन के ऑपरेशन अफसर अनिमेश वर्मा के साथ ही उनके सात अधीनस्थ अधिकारियों पर आरोप है कि 15 से 19 फरवरी 2013 के बीच उन्होंने अवैध तरीके से प्लांट से कोलतार के 11 ट्रक बाहर निकलवा दिए। बाजार में इस कोलतार की कीमत करीब 87 लाख रुपये है।
वरिष्ठ लोक अभियोजक नईम राजा के अनुसार सीबीआई ने इस मामले में अगस्त 2016 में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें अनिमेश वर्मा के साथ ही एकाउंटेंट अशोक कुमार, अवधेश कुमार, फोरमैन किताब सिंह, अमृतलाल गुप्ता, सिक्योरिटी गार्ड हरी सिंह के साथ ही दो प्राइवेट व्यक्तियों सुरेशचंद अग्रवाल और संतोष कुमार को आरोपी बनाया गया है।
विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ विगत दिनों सम्मन जारी किए थे। इसी के चलते आरोपी अनिमेष वर्मा ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
कोर्ट ने बाकी सभी आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी करते हुए अनिमेष को न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई केलिए कोर्ट ने अब 25 नवंबर की तारीख नियत की है।