गाजियाबाद। मकान निर्माण के लिए स्टील खरीदने के लिए गोविंदपुरम निवासी रामकुमार चौधरी ने गूगल पर वेबसाइट के जरिए कीमत की जानकारी ली। साइबर ठगों ने रामकुमार को कॉल कर सस्ती दरों पर स्टील आपूर्ति करने का झांसा देकर अलग-अलग दो बैंक खातों में 8.28 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद साइबर ठगों के मोबाइल नंबर बंद हैं। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
गोविंदपुरम निवासी रामकुमार चौधरी ने बताया कि मकान निर्माण कराने के लिए उन्होंने गूगल पर स्टील के दामों की जानकारी चाही। खोजबीन के बाद स्टील ऑथरिटी ऑफ इंडिया के नाम से वेबसाइट से जानकारी जुटानी चाही। इसी दौरान उन्हें एक अनजान महिला कॉलर ने कॉल कर खुद को यूपी एरिया मैनेजर बताया और एरिया मैनेजर द्वारा संपर्क करने की बात कही। खुद को एरिया मैनेजर बताने वाले अमित कुमार ने कॉल की और सस्ती दरों पर कम से कम आठ टन स्टील की आपूर्ति का आर्डर देने को कहा। बताया कि अमित कुमार की बातों में आकर उन्होंने उनके बताए दो अलग-अलग बैंक खातों में आठ लाख 28 हजार 353 रुपये एनआईएफटी के माध्यम से जमा करा दिए। इसके बाद से साइबर ठगों के मोबाइल बंद हैं। पीड़ित रामकुमार चौधरी ने साइबर ठगों के खिलाफ बीएनएस 318(4) धोखाधड़ी और 66डी कंम्यूटर संशाधनों से संपत्ति हड़पना की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
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किसी भी वेबसाइट की सत्यता जानने के लिए कंपनी से संपर्क कर उसका यूआरएल की जानकारी जरूर लें। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- सच्चिदानंद, एडीसीपी अपराध
फर्जी वेबसाइट के धोखे से ऐसे बचें
-किसी भी वेबसाइट पर जाने से पहले, उसके यूआरएन यानी वेब एड्रेस को चेक करें।
-हमेशा एचटीटीपीएस से शुरू होने वाले वेबसाइट पर क्लिक करें.
-सोशल मीडिया या थर्ड पार्टी की तरफ से शेयर की जाने वाली शॉपिंग वेबसाइट पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें।
-अनजान नंबर से आए लिंक या पीडीएफ पर क्लिक न करें।
-अनजान नंबर के वीडियो कॉल को रिसीव न करें।
-ईमेल में आए अटैचमेंट या लिंक को ओपन न करें।
-लालच में न फंसे।
-अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे बैंक डिटेल, सीवीवी, जन्मतिथि, ओटीपी किसी अपरिचित के साथ शेयर न करें।