गाजियाबाद। जिले में क्षय रोग विभाग के 24 मार्च से 24 अप्रैल के बीच चलाए गए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर में टीबी के 821 ऐसे मरीज सामने आए हैं, जिनमें बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। यह मरीज लोनी, मुरादनगर और भोजपुर के सघन आबादी वाले क्षेत्रों में ज्यादा मिले हैं। विभाग ने सभी मरीजों की पहचान कर उनका इलाज शुरू करा दिया है और उनके संपर्क में आने वाले लोगों की जांच भी की जा रही है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल यादव के अनुसार एक माह के अभियान में 43 शिविर लगाए गए। इनमें कुछ शिविर गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से तो कुछ सामान्य अभियान के तहत आयोजित हुए। इनमें 7,320 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 984 संदिग्ध मरीजों के सीने का एक्स-रे कराया गया तो उसी में टीबी के मरीजों की पुष्टि हुई। सबसे अधिक 350 मरीज लोनी क्षेत्र में मिले हैं, जबकि मुरादनगर और भोजपुर क्षेत्रों में 195 मरीज पाए गए हैं। बिना लक्षण वाले मरीजों की पहचान विभाग के लिए चुनौती भी है और राहत भी, क्योंकि समय रहते इलाज शुरू करने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। डॉ.यादव ने बताया कि सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराकर उपचार शुरू कर दिया गया है। साथ ही मरीजों के परिवार के सदस्यों की भी जांच कराई जाएगी। विशेष रूप से उन लोगों की जिन्हें किसी प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। जिले में इस समय करीब 24 हजार टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है।