अनाड़ी होगा वाहन चालक तो क्लेम में आएगी दिक्कत
बुलंदशहर। अब बिना टेस्ट़िग के लाइसेंस बनवाने वालों को क्लेम की भरपाई में दिक्कतें आएंगी। इसमें देखा जाएगा कि टेस्ट़िग देने वाला और लाइसेंस धारक व्यक्ति एक ही है या नहीं। ऐसा नहीं होने पर क्लेम पास नहीं होगा और विभाग चालक को अनाड़ी मानेगा। बीमा कंपनी भी उसे क्लेम पास नहीं करेगी। ऐसा करने के पीछे किसी का भी लाइसेंस लगवाकर क्लेम पास कराने वालों के धंधे पर लगाम लगाना है। लाइसेंस भी उसे ही जारी होगा जो वाहन चलाना जानता होगा।
अभी तक दलाल पैसे लेकर बिना टेस्ट़िग के या फिर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा वाहन चलवाकर लाइसेंस पास करा लेते हैं, लेकिन अब एआरटीओ में टेस्ट़िग का वीडियो बनेगा और इसे संबंधित व्यक्ति के रिकॉर्ड के साथ सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद अनाड़ी लाइसेंस धारक से अगर कोई दुर्घटना या एक्सीडेंट होता है तो इसका मिलान टेस्ट़िग के दौरान वाहन चलाने वाले व्यक्ति से किया जाएगा। अगर संबंधित व्यक्ति का डाटा मिलान होगा तो उसे बीमा कंपनी से क्लेम मिलेगा, लेकिन ऐसा न होने पर वह क्लेम का दावा नहीं कर सकेगा। दावा करने के बाद भी विभागीय अधिकारी व बीमा कंपनी उसे इस रिकॉर्ड के दम पर खारिज कर सकेगी।
क्लेम करवाने के नाम पर लगती है बोली
- किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर बीमा कंपनी से क्लेम करवाने के लिए भी बाकायदा दलाल सक्रिय रहते हैं। जो क्लेम की रकम में अपना प्रतिशत तय कर इसे पास करवाने का ठेका लेते हैं। वह वाहन चालक का लाइसेंस एआरटीओ से पास करवाते हुए बीमा कंपनी में भी सेटिंग कर क्लेम दिलाते हैं, और इसमें अपना मोटा कमीशन संबंधित व्यक्ति या उसके परिजनों से लेते हैं जो क्लेम की रकम का दस से बीस फीसद तक होता है।
कोट
नई प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के लिए तैयारी तेज कर दी गई है। इससे लाइसेंस उसी का बनेगा, जो वाहन टेस्टिंग में पास होगा। चालक से दुर्घटना और एक्सीडेंट होने पर मांगे जाने वाले क्लेम में भी धांधली भी रुकेगी।
- मुहम्मद क्य्यूम, एआरटीओ