चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सपा-कांग्रेस गठबंधन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वोटरों को रिझाने के लिए आजम खां को मैदान में उतारा। आजम खां ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि वोट की चोट से मुजफ्फरनगर के कातिलों को ठिकाने लगाना है। इसके बाद उनके निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे।
प्रधानमंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि 80 करोड़ के कपड़े पहनने वाला फकीर नहीं ठग होता है। 11 फरवरी को खाना बाद में खाना, लेकिन पहले वोट के अधिकार का इस्तेमाल कर फिरकापरस्त ताकतों को सबक सिखाना। बृहस्पतिवार को आजम खां का हेलीकॉप्टर दोपहर 1:42 बजे मोदीनगर पहुंचा।
आजम खां ने मोदीनगर विधानसभा के कलछीना गांव में गठबंधन के प्रत्याशी रामआसरे शर्मा के समर्थन में सभा की। अपने 55 मिनट के भाषण में करीब 40 मिनट सिर्फ प्रधानमंत्री को ही निशाने पर रखा। आजम ने कहा कि बादशाह झूठा नहीं होता और झूठा हो तो बादशाह नहीं होता।
प्रधानमंत्री गलत बयानबाजी कर रहे हैं और नोटबंदी करके जनता को लाइन में लगाकर ठगा गया है। उन्होंने कहा कि जिंदा कौम बनो, जिसने नोटबंदी कर तुम्हें लाइनों में लगा दिया, उससे जवाब मांगो। बादशाह को देश से माफी मांगनी चाहिए। हिंदू-मुस्लिम की लड़ाई खत्म करो, देश रहेगा तो धर्म रहेगा।
उत्तर प्रदेश हिंदुस्तान का दिल है, अगर यह धड़कना बंद हो गया तो देश खत्म हो जाएगा। नफरत फैलाने वालों को इस चुनाव में सबक सिखा दो। बादशाह कहते हैं कि वह चाय बेचा करते थे, झूठ बोलते हैं, दो साल में 80 करोड़ के कपड़े पहनने वाला फकीर नहीं ठग होता है।
आजम ने कहा कि मुश्किल के दौरान अखिलेश और मुलायम सिंह के बीच उन्होंने एक पुल का काम किया, जिसकी वजह से पार्टी और निशान दोनों बचे हैं। जनसभा की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष साजिद हुसैन, संचालन महानगर अध्यक्ष संजय यादव ने किया।
रामकिशोर अग्रवाल, वसीम अहमद, परवेज तोमर, प्रदीप बोस, सुरेंद्र मुन्नी, संतोष ठेकेदार, अकबर, मुस्तफा मछरी, अब्दुल नवी नाहली, अकबर त्योड़ी, शहनवाज आदि मौजूद रहे।