एसीपी नगर कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित फरहत अली के मुताबिक उनके परिचित शफीकुर्रहमान खान निवासी सुखदेव विहार दक्षिण दिल्ली ने उन्हें बताया कि उनके साथ राकेश वर्मा और सिकंदरखान सरकारी भवनों के निर्माण का काम करते हैं। राकेश और सिकंदरखान के परिचित केशव कुमार जिसकी फर्म सर्वश्री शोभा डेवलपर्स ग्रेटर नोएडा में है, उनके पास जीटा-वन में सरकारी काम का टेंडर है। झांसा दिया कि उनके पास अन्य कई बड़े काम हैं। वह किसी अन्य ठेकेदार से काम कराना चाहते हैं। केशव कुमार व अन्य ने मीटिंग के दौरान खुर्जा स्थित टीएचडी का टेंडर भी अपने पास होने का दावा किया और कुछ फर्जी दस्तावेज भी दिखाए। विश्वास कर शोभा डेवलपर्स से जीटा-वन में काम के लिए बतौर सिक्योरिटी 60 लाख रुपये तय हुए, जिनका भुगतान नकद और बैंक चेक द्वारा कर दिया गया।
आरोपियों ने आश्वासन दिया कि 30 दिनों में काम शुरू हो जाएगा। साथ ही 60 लाख रुपये के चेक भी केशव कुमार ने पीड़ित और उनके पार्टनर को सौंपे हैं। काम दिलाने और मीटिंग कराने की एवज में राकेश वर्मा उर्फ रॉकी, सिकंदर खान और शफीकुर्रहमान खान ने 15 लाख रुपये लिए। 30 दिन बीतने पर जब काम नहीं मिला तो उन्होंने रुपये वापस मांगे।
आरोप है कि सभी ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी। एसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपी शफीकुर्रहमान खान निवासी सुखदेव विहार दक्षिण दिल्ली, राकेश वर्मा निवासी भारत अपार्टमेंट शालीमार गार्डन साहिबाबाद, सिकंदरखान सुखदेव विहार दक्षिणी दिल्ली, केशव कुमार निवासी पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट साकीपुर ग्रेटर नोएडा गौतमबुद्धनगर, बालविंदर सिंह व केसर खान निवासी अज्ञात, अजय बंसल निवासी सत्यम बिल्डिंग राजनगर कविनगर और राकेश वर्मा उर्फ रॉकी निवासी अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।