दो बार रह चुके पार्षद
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध जयकरन नैय्यर ने बताया कि कैला भट्ठा की रहने वाली नाजरीन के मुताबिक उनके पति हाजी खलील 1995 और 2000 में इस्लामनगर से सपा के टिकट पर दो बार पार्षद चुने जा चुके हैं। पहली बार पार्षद बनने के बाद उन्होंने 1998 में पहला निकाह किया था। पहली पत्नी से उनके 8 बच्चे हैं। पहली पत्नी और बच्चों को छोड़कर उन्होंने वर्ष 1991 में उनसे निकाह रचाया।
20 साल की छात्रा से किया चौथा निकाह
आरोप है कि पहली पत्नी और बच्चों के बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया गया। नाजरीन की तीन संतानों में दो बेटियां और एक बेटा है। आरोप है कि वर्ष 2010 में हाजी खलील ने तीसरा निकाह किया, जिसकी कोई संतान नहीं है। दो वर्ष पूर्व हाजी खलील एक जूनियर हाईस्कूल के मैनेजर नियुक्त हुए। मैनेजर रहते उन्होंने इसी स्कूल की 20 वर्षीय छात्रा से चौथा निकाह कर लिया। बताया कि हाजी खलील की करीब 50 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है, नगर निगम की 30 करोड़ की प्रॉपर्टी पर भी पति ने कब्जा कर रखा है। आरोप है कि अधिकांश प्रॉपर्टी पति ने अपनी चौथी पत्नी के नाम कर दी है। उन्हें और उनके बच्चों को घर से निकालने पर आमादा हैं।
दुकान पर कब्जे को लेकर हुआ विवाद
सोमवार की शाम नाजरीन व उनकी दो बेटी व बेटा कैला भट्ठा स्थित दुकान पर पहुंचे। यह दुकान हाजी खलील ने राशिद नाम के युवक को वर्षों पूर्व बेच दी थी। राशिद के नाम बैनामा भी है। नाजरीन और उनके बेटे व बेटियों ने राशिद को बाहर कर दुकान पर ताला लगा दिया। राशिद ने डायल 112 पर कॉल की। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिकायतकर्ता और नाजरीन को थाने पहुंचकर समस्या बताने की बात कही। मामला नगर कोतवाली पहुंचा तो राशिद ने दुकान का बैनामा दिखाया। पुलिस ने नाजरीन को दुकान का ताला खोलने की बात कही। नाजरीन ने पुलिस से अभद्रता की और मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस क्या बोली
पूर्व पार्षद के परिवार ने दुकान पर कब्जे का प्रयास किया है। जांच में सामने आया है कि दुकानदार और पुलिस से भी अभद्रता की गई है। पीड़ित दुकानदार ने नाजरीन व उनके बेटे वे बेटियों के खिलाफ मारपीट और दुकान पर कब्जा करने की तहरीर दी है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। -धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी
सपा का हाजी बिलाल से किनारा
पूर्व में हाजी खलील सपा में रहे होंगे, वर्तमान में इनका सपा से कोई संबंध नहीं है। पूर्व में नगर निगम में पार्षद का चुनाव इन्होंने बसपा से लड़ा था। हाजी खलील का सपा से कोई सरोकार नहीं है।
-फैजल हुसैन, सपा जिलाध्यक्ष।