नगर निगम 66 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइटों से गाजियाबाद को रोशन करेगा। इसके लिए निगम को पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। एक प्राइवेट फर्म से टाइअप कर शहर की पुरानी और ज्यादा बिजली खपत वाली सोडियम व ट्यूब लाइटें बदली जाएंगी। इन्हें बदलने पर प्राइवेट फर्म ही पैसा खर्च करेगी। बिजली बिल से निगम को होने वाली बचत से फर्म को हर साल निर्धारित रकम का भुगतान किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर निगम ने एक प्राइवेट फर्म को गाजियाबाद के मुख्य मार्गों से लेकर कालोनियों में लगी स्ट्रीट लाइट्स के सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी थी। लगभग एक महीने चले सर्वे के बाद फर्म ने निगम को रिपोर्ट सौंप दी है। निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर में छोटी-बड़ी करीब 66 हजार स्ट्रीट लाइट्स हैं।
नगर निगम इन स्ट्रीट लाइट्स के बिजली बिल की एवज में हर महीने करीब एक करोड़ रुपये भुगतान करता है। शासन ने बिजली खपत कम करने के लिए शहरों में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब पुरानी लाइट्स को बदलने की प्लानिंग है।
अपर नगर आयुक्त व प्रकाश प्रभारी डीके सिन्हा ने बताया कि सोडियम लाइट्स बदलकर एलईडी लगाने पर बिजली की खपत लगभग 50 प्रतिशत रह जाएगी। निगम को हर महीने तकरीबन 50 रुपये की बचत होगी। इससे कंपनी को हर महीने तय रकम दी जाएगी। लाइट्स बदलने का खर्च किस्तों में चुकाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी है। वहां से मंजूरी मिलने पर योजना पर काम शुरू किया जाएगा।