सस्ते घर का पूरा होगा सपना, रियल एस्टेट में आएगा उछाल
गाजियाबाद। बिल्डरों के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के साथ अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों को अब बड़ी राहत मिलेगी। रविवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत आने वाले घरों पर लगने वाले जीएसटी की दर को 8 फीसदी से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया है। दूसरी ओर बिल्डरों के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में अब लोगों को 12 की जगह केवल 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
सरकार के दोनों निर्णयों से घर खरीदने की प्लानिंग करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। दूसरी ओर अर्से से मंदी की मार झेल रहे लोग रियल एस्टेट में उछाल आने के साथ काले बादल हटने की संभावना जता रहे हैं। सरकार की ओर से एक फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट में घर खरीद पर लगी जीएसटी की दरों को कम करने के संकेत दिए थे। अंतरिम बजट में भी बिना बिके घरों पर लगने वाले नोशनल रेंट की समयसीमा को एक साल से बढ़ाकर दो साल किए जाने का रियल एस्टेट ने स्वागत किया था। अब अफोर्डेबल हाउसिंग और निर्माणाधीन फ्लैटों पर जीएसटी की दरों में 7-7 फीसदी की कटौती से लोगों को बड़ी राहत मिलने के साथ रियल एस्टेट उद्योग से जुड़े लोग आशावान हैं।
जीएसटी की नई दरों से आएगा बूम
1. अंतरिम बजट में संकेत दिए जाने से फैसले का इंतजार था। निर्णय घर खरीदने वालों के साथ रियल एस्टेट सेक्टर दोनों के हित में लिया गया है। पहले टैक्स की सीमा बढ़ाकर 5 लाख करना और जीएसटी घटाने का कदम सराहनीय है। - अशोक गुप्ता, सीएमडी, अजनारा इंडिया लिमिटेड
2. अफोर्डेबल हाउसिंग के प्रोजेक्ट व निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में जीएसटी दर घटाने का निर्णय काबिले तारीफ है। मेट्रो शहरों में 60 वर्ग मीटर तक के कारपेट एरिया वाले और गैर मेट्रो शहरों में 90 वर्ग मीटर तक के कारपेट एरिया वाले घरों को किफायती आवास की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। - मनोज गौड़, एमडी, गौर ग्रुप व बीपी, क्रेडाई
3. जीएसटी काउंसिल की सिफारिशें लोगों के अपने घर का सपना पूरा होने की दिशा में बड़ा कदम है। निर्णय से लोगों को काफी लाभ होगा। इससे सर्वाधिक लाभ मध्यम वर्ग और अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए पात्रता रखने वाले लोगों को मिलेगा। - धीरज जैन, निदेशक, महागुन ग्रुप