जिले के 250 मरीजों में एड्स की पुष्टि
--जतिन त्यागी--
हापुड़। सावधान! जिले में एड्स गुपचुप लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। 250 मरीजों में अभी तक स्वास्थ्य विभाग एड्स की पुष्टि कर चुका है, जिन्हें लगातार उपचार भी दिया जा रहा है। इसके अलावा 15 मरीज ऐसे मिले हैं जिन्हें एड्स के साथ टीबी भी है।
एड्स से बचाव के लिए सरकार अनेक जागरूकता अभियान चला रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर जगह-जगह नुक्कड़ नाटक, नाटिका प्रस्तुत कराकर भी एड्स से बचाव की जानकारी दे रहे हैं। लेकिन थोड़ी सी ही लापरवाही लोगों कोे इस बीमारी से पीड़ित बना रही है।
स्वास्थ्य अफसरों की जांच में अभी तक जिले के 250 मरीजों में एड्स की पुष्टि हो चुकी है। इनमें अधिकांश मरीज ऐसे मिले हैं, जिन्हें झोलाछाप चिकित्सकों ने पुरानी सिरिंज से इंजेक्शन लगाया है। इसके अलावा बहुत से मरीज योन संबंध बनाने के चलते इस बीमारी से पीड़ित हुए हैं।
बहरहाल स्वास्थ्य विभाग इन मरीजों के उपचार में में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध करा, उन्हें स्वस्थ रहने का तरीका बताया जा रहा है। 15 मरीज इस तरह के मिले हैं, जिन्हें एड्स के साथ टीबी भी है, विभाग द्वारा इन्हें भी उपचार दिया जा रहा है।
एड्स के मरीजों से बांटे प्यार, छूने से नहीं फैलता-
एड्स के मरीजों से दूरी न बरतें, बल्कि उनके साथ मधुर व्यवहार रखें। उनके साथ प्यार बांटे, क्योंकि एड्स रोग छुआछूत से नहीं फैलता। ऐसे मरीजों का मनोबल बढ़ाएं न कि तोड़े।
-झोलाछाप चिकित्सकों से न कराए उपचार-
झोलाछाप चिकित्सक एक ही सीरिंज को अनेक मरीजों पर इस्तेमाल करते हैं। यदि यह सीरिंज एक भी एड्स रोगी को लग गई, इसके बाद जितने मरीज पर इसका इस्तेमाल होगा, उन्हें भी एड्स का खतरा हो सकता है।
-अन्य जिलों के सापेक्ष हापुड़ की स्थिति बेहतर-
हापुड़ के आस पास के जिलों में एड्स रोगियों की संख्या ज्यादा है, लेकिन यहां सिर्फ 250 मरीज एड्स से पीड़ित हैं, जिनकी संख्या अन्य जिलों के मुकाबले काफी कम हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के अनुसार हापुड़ एक छोटा जिला है, जनसंख्या के हिसाब से यहां स्थिति संतोषजनक है। अन्य जनपदों में जनसंख्या ज्यादा है, इसलिए वहां पर मरीजों की संख्या ज्यादा हो सकती है।
-यह बरतें सावधानी-
* उपचार के दौरान हमेशा नई सीरिंज का प्रयोग कराएं।
* संक्रमित खून न चढ़वाएं।
* योन संबंध स्थापित करते समय कंडोम का प्रयोग करें।
कोट---
डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश अनुरागी ने बताया कि एड्स से पीड़ित मरीजों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। समय पर उन्हें दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। एड्स के मरीजों से दूरी न बनाएं, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएं।