मधुबन बापूधाम में आरओबी के साथ बनाना होगा अंडरपास
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम योजना में प्रस्तावित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के साथ जीडीए को अंडरपास बनाना होगा। रेलवे ने आरओबी निर्माण संबंधी नए नियमों को हवाला देकर प्राधिकरण को अंडरपास बनाने के निर्देश दिए हैं। साइकिल और पैदल जाने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। ऐसे में प्राधिकरण को नए सिरे से अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे को भेजना पड़ सकता है।
जीडीए ने मधुबन बापूधाम में आरओबी निर्माण का जिम्मा सेतु निगम को सौंपा है। सेतु निगम की ओर आरओबी की डीपीआर इस सप्ताह जीडीए को सौंपेगा। ऐसे में अंडरपास के निर्माण के बाबत इसी सप्ताह फैसला लिया जा सकता है। आरओबी का निर्माण कार्य फरवरी माह से शुरू होना प्रस्तावित है। आरओबी के साथ अंडरपास का भी निर्माण होने से मधुबन बापूधाम योजना को लाभ होगा। 1234 एकड़ में फैली योजना की आरओबी बनते ही सीधी दिल्ली-मेरठ हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। आरओबी के निर्माण से मधुबन बापूधाम की बहुमंजिला आवासीय योजना को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। योजना की सीधी हरसांव पुलिस लाइन से तो कनेक्टिविटी हो जाएगी। दूसरी ओर आवासीय योजना में यातायात की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
अंडरपास से आरओबी का बढ़ेगा बजट
मधुबन बापूधाम योजना में बनने वाले आरओबी का करीब 25 करोड़ बजट निर्धारित किया गया है। रेलवे के नियमों के तहत अगर प्राधिकरण की ओर से अंडरपास बनाया जाता है तो आरओबी के बजट में इजाफा हो जाएगा। दूसरी ओर आरओबी की डीपीआर को भी अंडरपास के निर्माण पर प्राधिकरण की हरी झंडी मिलने के बाद ही रेलवे का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मिल सकेगा। दूसरी ओर आरओबी के निर्माण कार्य की रेलवे खुद भी मॉनीटरिग करेगा। प्राधिकरण ने आरओबी के निर्माण की दिसंबर 2019 की समयसीमा तय की है। अंडरपास के निर्माण से प्रोजेक्ट कुछ लंबा खिंच सकता है।
छह लेन के आरओबी से जुड़ेंगे एनएच-9 व दिल्ली-मेरठ हाइवे
मधुबन बापूधाम योजना में 900 मीटर लंबा और छह लेन चौड़ा आरओबी बनेगा आरओबी पर दोनों ओर फुटपाथ भी प्रस्तावित हैं। आरओबी के निर्माण से योजना के अलावा नॉदर्न पेरिफेरल रोड को भी कनेक्टिविटी दिए जाने की योजना है। आरओबी से एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ हाईवे भी आपस में जुड़ जाएंगे।
रेलवे ने नए नियमों के तहत आरओबी के साथ अंडरपास का निर्माण कराने को कहा है। अंडरपास के निर्माण के बाबत जल्द फैसला लिया जाएगा। - विवेकानंद सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए