सिर्फ की अपने मन की बात, दूसरों को नहीं सुनी
गाजियाबाद। कैराना और नूरपुर में पार्टी की हार के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पार्टी संगठन की बैठक को पार्टी ने काफी हद तक गोपनीय रखने की कोशिश की। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री 19 जिलों के अपने विधायकों, सांसदों, जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्षों से सीधे संवाद कर उनके मन की बात सुनेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। करीब एक घंटे 40 मिनट तक चली बैठक में सीएम व संगठन के पदाधिकारी ही बोलते रहे। अधिकांश समय सीएम ने अपने मन की बात रखी। बाकी समय में संगठन के पदाधिकारी बोले। सांसदों, विधायकों के हाथ निराशा लगी। वह सीधे संवाद कर अपने क्षेत्र की समस्या सीएम तक नहीं पहुंचा पाए। बाहर आकर सीएम ने मीडिया के सामने भी सिर्फ अपने मन की बात रखी। सवालों का जवाब नहीं दिया।
सूत्रों का कहना है कि सांसद संजीव बालियान कई मौके पर मुख्यमंत्री से अपने मन की बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने के समय नहीं मिल। लोनी से पार्टी विधायक नंद किशोर गुर्जर भी अपने ऊपर हुए हमले व क्षेत्र की समस्या से सीएम व संगठन के लोगों को बताना चाहते थे, लेेकिन उनका भी नंबर नहीं आया। ऐसे में पश्चिमी यूपी के कई विधायकों व सांसदों के मन की बात मन में ही रह गई। बैठक स्थल पर बोलने का मौका नहीं मिला तो गाजियाबाद के विधायक कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीधे हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी बात को अलग से मुख्यमंत्री के सामने रखा। सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री अतुल गर्ग, विधायक नंद किशोर गुर्जर, अजीत पाल त्यागी व मेयर आशा शर्मा ने हिंडन एयरबेस पर सीएम से जाकर मुलाकात की। बैठक में चुनिंदा विधायक और सांसद ही अपनी बात सीएम के सामने रख पाए।
सांसद और विधायकों ने साधा मौन
बैठक खत्म हुई तो सभी के मन में जिज्ञासा थी कि अंदर किन मुद्दों पर चर्चा हुई, पता चलेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने अपने बात कही और मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। दो बार मीडिया ने बैठक से जुड़े मुद्दे व कैराना की हार पर सवाल पूछा, लेकिन सीएम ने जवाब नहीं दिया। बैठक में लिए गए फैसलों पर भी नहीं बोले। सांसद व विधायक भी बात करने से बचते रहे। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि बैठक संगठन की थी। संगठन ही बता पाएगा। नोएडा से विधायक पंकज सिंह भी बैठक से जुड़े सवाल पर हाथ जोड़ कर बिना कुछ बोले निकल गए। बाकी सांसद व विधायक भी मौन साधे रहे।