कितना बना मकान, अब घर बैठे जानना होगा आसान
गाजियाबाद। बिल्डर प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी के लिए अब फ्लैट खरीदारों को साइट के चक्कर नहीं काटने होंगे। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के दायरे में आने वाले सभी प्रोजेक्ट के कार्यों की प्रगति की जानकारी खरीदार व आवंटी अब घर बैठे हासिल कर सकेंगे। रेरा में पंजीकृत बिल्डर्स को हर तीन माह में प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट अपडेट करनी होगी। इससे महानगर के विभिन्न प्रोजेक्ट में अपने आशियाना की राह देखने वाले 1.50 लाख से अधिक खरीदारोें को बड़ी राहत मिलेगी। जीडीए ने सभी बिल्डर्ड को निर्देश दिए हैं कि वह हर तीन माह में रेरा की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट की स्टेट्स रिपोर्ट अपलोड करें।
जीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट में देरी होने और खरीदार द्वारा शिकायत करने पर बिल्डर्स पर पांच से 10 फीसदी तक जुर्माना भी लग सकता है। जीडीए की ओर से भी अपने सभी प्रोजेक्ट का पंजीकरण भी रेरा की वेबसाइट पर करा दिया गया है। वहीं, गाजियाबाद में अभी तक करीब 280 बिल्डर्स ने रेरा में पंजीकरण कराया है। रेरा में बिल्डर्स केपंजीकरण कराने का सबसे ज्यादा लाभ फ्लैट खरीदारों और आवंटियों को मिलेगा। प्रोजेक्ट में फ्लैट की पूरी कीमत भरने के बावजूद काम अधूरा होने और पजेशन नहीं मिलने से परेशान खरीदारों को शिकायत के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रोजेक्ट में बताए गए कार्यों को नहीं कराने और उसकी सुनवाई नहीं करना भी बिल्डरों को भारी पड़ सकता है।
यहां फ्लैट बुक करने वालों को मिलेगा लाभ
महानगर में अभी मुख्य रूप से राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, सिद्धार्थ विहार, वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम में कई बिल्डरों के प्रोजेक्ट संचालित हैं। एनएच-24 पर लालकुंआ से लेकर डासना तक और एनएच-58 पर कई बिल्डरों के प्रोजेक्ट हजारों लोगों ने फ्लैट व मकान बुक कराया है। साहिबाबाद व लोनी क्षेत्र को मिलाकर आवंटियों की संख्या 1.50 लाख से अधिक है।
शिकायत सही तो भरना होगा जुर्माना
आवंटी रेरा की वेबसाइट पर बिल्डर्स के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की शिकायत कर सकते हैं। फिर शिकायत की जांच कराई जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर बिल्डर के प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत पर पांच से 10 फीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अनुमानित लागत में प्रोजेक्ट के विकास में आने वाले सभी खर्चों को शामिल किया गया है। इससे बिल्डर्स की मनमानी पर लगाम लगेगी।
ब्रोशर व वेबसाइट पर देनी होगी विस्तृत जानकारी
बिल्डर अब प्रोजेक्ट की सूचनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकेंगे। रेरा में पंजीकरण करने वाले बिल्डरों को अपने प्रोजेक्ट के ब्रोशर व वेबसाइट पर फ्लैट के कारपोट एरिया, पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी विस्तार से देनी होगी। दी गई सूचनाओं में मौके पर कोई परिवर्तन पाया जाता है तो भी बिल्डर के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।
जीडीए भी हर माह कर रहा समीक्षा
रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के अलावा भी शासन के निर्देश पर जीडीए की ओर से भी बिल्डर्स के विभिन्न प्रोजेक्ट की प्रगति की हर माह समीक्षा की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर जीडीए की पैनी नजर है। खरीदारों की समस्या को देखते हुए शासन ने तीन मंत्रियों की कमेटी गठित की है जो लगातार समीक्षा कर रही है। इसके साथ ही मंत्री समूह ने जीडीए सचिव की अध्यक्षा में अतिरिक्त कमेटी गठित की है जो हर मार प्रोजेक्ट की समीक्षा ले रही है।