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कैसे होगा शहर साफ, जब बच्चों की कला पर थूक रहे आप-Cordination

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कैसे होगा शहर साफ, जब बच्चों की कला पर थूक रहे आप
गाजियाबाद। शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए स्कूली छात्रों द्वारा की जा रही मेहनत पर शहर के लोग थूक कर पानी फेर रहे हैं। यह शर्मनाक है। एक तरफ प्रशासन के सहयोग से स्वच्छता और सुंदरता के लिए कूची हाथ में उठाकर शहर में छात्र और एनजीओ निकले हुए है, दूसरी ओर कुछ लोग दीवारों को फिर से बदरंग करने पर तुले हैं। गंदगी फैलाने की अपनी आदत से वह बाज नहीं आ रहे। शहर को सुंदर बनाने के लिए डीएम की अपील पर छात्रों और एनजीओ द्वारा फ्लाईओवर की दीवारों पर कलाकृतियों को बनाए अभी महीना भर भी नहीं हुआ है, शहरवासियों ने थूक-थूक कर दीवारों को फिर से बदरंग कर दिया है।
हर बार स्मार्ट सिटी की रेस से बाहर होने के बाद महानगर के लोग लगातार नगर निगम और जिला प्रशासन को दोषी ठहराते हैं। वहीं, प्रशासन, छात्र और एनजीओ की सकारात्मक पहल को शहर के ही कुछ लोग गंदा करने में लगे हैं। दीवारों को गंदगी मुक्त बनाने और सुंदर दिखाने के लिए एनजीओ और छात्र-छात्राओं की मदद से दीवारों पेंट की गई थीं। उन पर कलाकृतियां बनाई गई थीं। प्रकृति और सामाजिक संदेश देने वाले चित्र छात्रों ने अपने ब्रुश से उकेरे थे। शहर में फ्लाईओवर पर यह काम हुआ था। कुछ ही दिनों में दीवारों की हालत पहले जैसी कर दी गई। दीवारों को पीकदान बना दिया गया है।
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अपील के साथ हुआ था काम
जिला प्रशासन की अपील पर शहर के प्राइवेट और सरकारी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और कई एनजीओ के सहयोग से ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर, पुराना बस अड्डा फ्लाईओवर, एलीवेटेड रोड की दीवारों पर खूबसूरत कलाकृति बनाई गई थीं। शहर में विभिन्न जगहों पर यह काम अभी चल रहा है। हालत ऐसी ही रही तो बाकी जगह भी गंदगी फिर से हो जाएगी। सफाई की पहल दम तोड़ देगी।
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इनसेट
जगह-जगह पीकदान हो तो सुधरेगी हालत
शहर को सुंदर बनाने में जुटी दिशा फाउंडेशन की अध्यक्ष उदिता त्यागी का कहना है कि शहर में यदि प्रशासन जगह-जगह पीकदान रखवाए तो शायद दीवारों पर थूकने की आदत में कमी आए। हालांकि हम लोग सब्र के साथ शहर को सुंदर बनाने में जुटे हुए हैं। लोग हर बाद गंदा करेंगे और हम हर बार शहर को खूबसूरत बनाएंगे केवल इसी सोच के तहत कि आने वाले समय में कभी न कभी लोगों की सोच बदलेगी और वह कलाकृति पर थूकने से बाज आएंगे।
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