कैबिनेट मंत्री आजम खां सोमवार को गाजियाबाद, हापुड़ और गौतमबुद्धनगर के 504 आवेदकों को आईटीएस मुरादनगर में मुफ्त ई-रिक्शा बांटेंगे। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि बड़ी संख्या में अपात्र लोगों ने आवेदन किए थे।
जिन्हें जांच के बाद बाहर कर दिया गया। अकेले गाजियाबाद सिटी से 270 में से 200 आवेदक अपात्र पाए गए थे।प्रदेश सरकार ने ऐसे रिक्शा चालकों को मुफ्त में ई-रिक्शा बांटने की योजना शुरू की है जो अपना खुद का रिक्शा चलाकर परिवार को पालते हैं।
इसमेंएक निर्धारित तारीख तक निगम में पंजीकरण कराने वाले रिक्शा चालकों को ही पात्र माना गया है। ई-रिक्शा फ्री में मिलने की योजना शुरू हुई तो निगम में ऐसे लोगों ने भी पंजीकरण करा दिया जो रिक्शा पर सब्जियां, कांजी बड़े और कपड़े बेचने का काम करते हैं।
यही नहीं ऐसे ठेकेदारों ने भी ई-रिक्शा के लिए आवेदन पत्र भरवा दिए जो रिक्शा किराए पर देते हैं।एक-एक ठेकेदार ने 10-20 अलग-अलग लोगों को फार्म भरवाकर खड़ा कर दिया।
शासन से पात्रों की सूची तैयार करने के सख्त निर्देश जारी हुए तो डीएम ने नगर निगम, नगर पालिकाओं, आरटीओ और तहसील से आवेदकों की जांच करा दी।
निगम के जोनल अधिकारियों ने पहले सूची का वेरिफिकेशन कराया और फिर उप नगर आयुक्त, एआरटीओ, पॉलिटेकिभनक कालेज के प्रधानाचार्य और जोनल अधिकारियों की संयुक्त कमेटी बना दी। इस कमेटी ने आवेदकों के इंटरव्यू लेकर जांच की तो 270 की सूची में से 200 लोग बाहर हो गए।
उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि शासन की शर्तों को पूरा न करने वाले आवेदकों के फार्म निरस्त कर दिए गए हैं। अब सोमवार को गाजियाबाद सिटी एरिया के महज 70 लोगों को ई-रिक्शा मिलेंगे।