गाजियाबाद। अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता उस समय सामने आई जब मिशन शक्ति, झपटमारी और त्योहारों को लेकर नंदग्राम थाने में रखी मीटिंग में 48 पुलिसकर्मी पहुंचे ही नहीं। इस पर थाना प्रभारी ने थाने में तस्करा डालकर सभी पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
जनपद में अपराधियों, किरायेदार, घरेलू सहायक और पासपोर्ट सत्यापन समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सत्यापन के मामले में नंदग्राम थाना पुलिस का ग्राफ काफी कम है।
ऐसे में नंदग्राम थाना प्रभारी उमेश कुमार ने थाना परिसर में सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने और अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से बैठक का आयोजन किया। थाना प्रभारी के आदेशों के बाद भी पुलिसकर्मी मीटिंग में नहीं पहुंचे।
एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने बताया कि थाना प्रभारी ने शुक्रवार को मीटिंग का आयोजन किया। मीटिंग की बाबत सभी पुलिसकर्मियों को पूर्व से अवगत भी करा दिया गया।
इसके बावजूद नौ उपनिरीक्षक, 16 मुख्य आरक्षी और 23 आरक्षी मीटिंग में अनुपस्थित रहे। पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर होने पर थाना प्रभारी उमेश कुमार ने सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तस्करा डालकर जवाब मांगा है। इसकी रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को भेजी जाएगी। उच्चाधिकारी मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
ये होता है तस्करा
थाने में रोजमर्रा की कार्यवाही अथवा काम का ब्योरा यानि सामान्य दैनिकी एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इस रजिस्टर को रोजनामचा भी कहते हैं। स्पष्टीकरण में संतोषजनक न होने पर रोजनामचा में दर्ज लोगों पर विभागीय कार्रवाई भी संभव है।