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Ghaziabad News: मंडोला में 400 लोगों ने नहीं जमा की फ्लैट की किस्त

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साहिबाबाद। आवास विकास परिषद ने मंडोला योजना में करीब 400 से अधिक लोग फ्लैट बुक कराकर उसकी किस्त नहीं जमा कर रहे हैं। इन आवंटियों ने अपने फ्लैट बुक कराकर एक से दो लाख रुपये जमा कर दिए और इसके बाद आगे की कोई किस्त जमा नहीं की और न ही फ्लैट पर अपना कब्जा लेने के लिए आवास विकास परिषद कार्यालय पहुंचे।
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विभाग अब सभी को डिफाल्टर घोषित करने की तैयारी में है। इन सभी आवंटियों को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है वहीं अब तीसरी बार इन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। तीसरा नोटिस भेजने के बद विभागीय नियमों के मुताबिक इन आवंटियों को डिफाल्टर घोषित कर दिया जाएगा। तीसरे नोटिस में लोगों को स्पष्ट किया जा रहा है कि वह फ्लैट की बकाया धनराशि जमा कर जल्द से जल्द अपने फ्लैट पर कब्जा लें या फिर अपना पंजीकरण निरस्त करें।
विभागीय अधिकारी का कहना है कि ऐसे लोगों की वजह से विभाग के करीब 400 फ्लैट घिरे हुए हैं, इन्हें विभाग दूसरे व्यक्ति को बेच भी नहीं सकता। ऐसे में विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। दरअसल ये आवंटी आसरा, सपना, गुलमोहर सभी योजनाओं में बुक हैं, जिनकी कीमत 15 लाख से एक करोड़ तक की है। मंडोला योजना में कुल 4229 फ्लैट हैं जो खाली हैं। इन्हें बेचने के लिए पहले जुलाई 2023 में आवास विकास लखनऊ की ओर से फ्लैट खरीदारी पर 15 प्रतिशत की छूट दी गई। इसके बाद नवंबर में 35 प्रतिशत की छूट दी गई।
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-तीन नोटिस के बाद निरस्त कर दिया जाएगा पंजीकरण-
अधिकारी का कहना है कि कई लोगों की बुकिंग के बाद पैसा जमा करने की समय सीमा वर्ष 2021-2022 में ही खत्म हो चुकी थी। ऐसे लोगों को वर्ष 2022 में भी नोटिस जारी किया गया था। अब दूसरी बार है जब नोटिस जारी किया जा रहा है। संपत्ति विभाग के अधिकारी बहादुर नृपेंद्र सिंह का कहना है कि नियमानुसार आवंटियों को तीन बार नोटिस भेजा जाता है। तीन बार नोटिस के बावजूद यदि कोई जवाब नहीं आता तो ऐसे लोगों का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
-कई पते से लौट आया नोटिस-
करीब 37 लोग ऐसे हैं जिन्होंने पंजीकरण के दौरान जो पता दिया था, उनके पते पर जब नोटिस भेजा गया तो वह गलत पता होने की वजह से नोटिस की कॉपी वापस विभाग में लौट आया। इनके द्वारा दिए गए नंबर पर फोन भी नहीं उठ पा रहा है। ऐसे में विभाग के लिए ऐसे लोगों को तलाशना भी चुनौती है।
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